Zomato: बेंगलुरु निवासी रोहित रंजन ने लिंक्डइन पर खुलासा किया कि उनसे ज़ोमैटो पर 'वेज मोड इनेबलमेंट शुल्क' के तौर पर 2 रुपये का शुल्क वसूला गया. इस पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने लिखा, 'भारत में आज के दौर में शाकाहारी होना एक अभिशाप जैसा लगता है. ज़ोमैटो के इस नए मास्टरस्ट्रोक ने हमें प्रीमियम सदस्य बना दिया है."
उन्होंने आगे कहा कि शाकाहारी भोजन को अब 'लक्जरी टैग' के साथ जोड़ा जा रहा है. अपनी पोस्ट में उन्होंने ज़ोमैटो और इसके सीईओ दीपिंदर गोयल को टैग कर यह मुद्दा उठाया.
Zomato CEO #DeepinderGoyal has responded to the criticism of the food delivery platform's new "Veg Mode Enablement Fee" by apologizing and removing the charge. The fee, which was introduced for vegetarian food deliveries, had sparked outrage online, with users calling it a… pic.twitter.com/JlR3126dZo
— Hate Detector 🔍 (@HateDetectors) January 17, 2025
दीपिंदर गोयल की माफीनामा पोस्ट
रोहित रंजन की शिकायत पर तेज़ी से प्रतिक्रिया देते हुए, ज़ोमैटो के सीईओ दीपिंदर गोयल ने सार्वजनिक माफी जारी की. गोयल ने कमेंट सेक्शन में लिखा, "यह हमारी ओर से पूरी तरह से मूर्खतापूर्ण था. इसके लिए मुझे खेद है. आज ही इस शुल्क को हटा दिया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस तरह की गलती दोबारा न हो.'
ग्राहक ने गोयल की तेज़ और पारदर्शी प्रतिक्रिया की सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया. रंजन ने कहा, 'मुझे आश्चर्य हुआ कि इस विचार को विचार-विमर्श से क्रियान्वयन तक लाने में और वरिष्ठ हितधारकों की मंजूरी पाने में कितना समय लगा होगा.'
"शुद्ध शाकाहारी मोड" पर विवाद और सुधार
मार्च 2022 में ज़ोमैटो ने शुद्ध शाकाहारी भोजन पसंद करने वाले ग्राहकों के लिए 'शुद्ध शाकाहारी मोड' लॉन्च किया था. इस विकल्प के तहत उपयोगकर्ता केवल शाकाहारी रेस्तरां और व्यंजन देख सकते थे. हालाँकि, इस पहल में 'हरे रंग' का उपयोग करके शाकाहारी डिलीवरी एजेंटों को अलग करने का फैसला विवादों में आ गया.
उस समय, गोयल ने बयान जारी करते हुए कहा था कि सभी डिलीवरी एजेंट पारंपरिक लाल वर्दी पहनते रहेंगे. यह कदम ग्राहकों और कंपनी के हितों को संतुलित रखने के लिए उठाया गया.
सोशल मीडिया पर तेजी से उठा मामला
इस घटना के बाद ज़ोमैटो और उनके सीईओ की प्रतिक्रिया ने सोशल मीडिया पर चर्चा बटोरी. जहां ग्राहकों ने इस मुद्दे को लेकर आलोचना की, वहीं गोयल की तेज़ कार्रवाई ने सकारात्मक प्रतिक्रिया भी अर्जित की.