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India Daily

Budget 2025: 'खिलौनों का ग्लोबल हब बनेगा भारत' , वित्त मंत्री ने बजट में किया ऐसा ऐलान, जिससे चीन को 'मिर्ची' लगना तय

निर्मला सीतारमण ने आज बजट 2025 पेश करते हुए कई जरुरी घोषणाएं कर रही हैं. अलग अलग इंडस्ट्री से जुड़े लोग और करदाता लंबे समय से इस बजट का इंतजार कर रहे थे, और वित्त मंत्री ने कई नई योजनाओं की घोषणा कर लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश की है.

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Edited By: Babli Rautela
Budget 2025: 'खिलौनों का ग्लोबल हब  बनेगा भारत' , वित्त मंत्री ने बजट में किया ऐसा ऐलान, जिससे चीन को 'मिर्ची' लगना तय
Courtesy: Social Media

Budget 2025: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज बजट 2025 पेश करते हुए कई जरुरी घोषणाएं कर रही हैं. अलग अलग इंडस्ट्री से जुड़े लोग और करदाता लंबे समय से इस बजट का इंतजार कर रहे थे, और वित्त मंत्री ने कई नई योजनाओं की घोषणा कर लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश की है.

अपनी घोषणाएं करते हुए निर्मला सीतारमण ने महिलाओं और नए उद्यमियों को टर्म लोन की बात की है. जिसमें 5 लाख महिलाओं और पहली बार उद्यम शुरू करने वालों के लिए अगले 5 सालों तक नई टर्म लोन योजना शुरू की जाएगी. यह योजना खास तौर से महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और स्वरोजगार को सशक्त बनाने के लिए लाई गई है. इसके अलावा स्टार्टअप्स को राहत मिलेगा. स्टार्टअप्स के लिए क्रेडिट गारंटी योजना को बढ़ाकर ₹20 करोड़ किया गया है. यह कदम नए और छोटे व्यवसायों को आर्थिक मजबूती देने के लिए उठाया गया है.  इससे स्टार्टअप्स को आसान फंडिंग मिलेगी और वे अपने व्यवसाय को तेजी से बढ़ा सकेंगे.

भारत बनेगा खिलौनों का ग्लोबल केंद्र

भारतीय खिलौने की इंडस्ट्री को ग्लोबल लेवल पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए नई रणनीति अपनाई जाएगी. घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने और 'मेड इन इंडिया' खिलौनों के निर्यात को बढ़ाने पर खास ध्यान दिया जाएगा. सरकार के अनुसार, यह कदम 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को और मजबूत करेगा.

'विकसित भारत' की ओर एक और कदम

वहीं वित्त मंत्री ने बजट के प्रमुख फोकस क्षेत्रों को रेखांकित करते हुए कहा, ''यह बजट विकास को गति देने के लिए समर्पित है, जो 'विकसित भारत' की हमारी आकांक्षाओं से प्रेरित है.'' 

गौरतलब है कि यह निर्मला सीतारमण का आठवां बजट है और मोदी सरकार 3.0 का पहला पूर्ण बजट. वित्त मंत्री के अनुसार, बजट 2025-26 का मुख्य उद्देश्य तेजी से विकास, समावेशी प्रगति, निजी निवेश को प्रोत्साहित करना, घरेलू खर्च को बढ़ावा देना और भारत के मध्यम वर्ग की आर्थिक शक्ति को सशक्त बनाना है.

हालांकि, अब देखना होगा कि इस बजट के प्रावधान आम जनता को किस तरह से राहत पहुंचाते हैं और आर्थिक विकास को किस हद तक बढ़ावा देते हैं.