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6 या 7 जनवरी, किस दिन रखा जाएगा सकट चौथ का व्रत? जानें डेट, शुभ योग और पूजा का शुभ मुहूर्त

सकट चौथ 6 जनवरी को मनाया जाएगा. जनवरी महीने का पहला त्योहार सकट चौथ है, जिसमें माताएं संतान की लंबी आयु, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना से गणेश जी की पूजा कर व्रत रखती हैं.

India Daily Digital
Princy Sharma

नई दिल्ली: सकट चौथ हिंदू धर्म में एक बहुत ही महत्वपूर्ण व्रत का दिन है, खासकर उन माताओं के लिए जो अपने बच्चों की लंबी उम्र, खुशी और भलाई के लिए यह व्रत रखती हैं. यह पवित्र त्योहार हर साल माघ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. कई क्षेत्रों में सकट चौथ को तिल चौथ या तिलकुट चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है. यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित है और माना जाता है कि यह व्रत रखने से दिव्य आशीर्वाद मिलता है और बच्चे के जीवन से बाधाएं दूर होती हैं.

जनवरी 2026 में सकट चौथ की सही तारीख को लेकर कई भक्त भ्रमित हैं. वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 6 जनवरी 2026 को सुबह 8:01 बजे शुरू होगी और 7 जनवरी 2026 को सुबह 6:52 बजे समाप्त होगी. चूंकि सकट चौथ पर चंद्रमा की पूजा (चंद्र पूजा) उस दिन की जाती है जब चतुर्थी के दौरान चंद्रोदय होता है, इसलिए सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी 2026 को रखा जाएगा.

लाभकारी योग 

इस साल, सकट चौथ को बहुत शुभ माना जा रहा है क्योंकि इस दिन कई लाभकारी योग बन रहे हैं. पंचांग के अनुसार, सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 7:15 बजे से दोपहर 12:17 बजे तक रहेगा, जिसके बारे में माना जाता है कि यह सभी अच्छे कामों में सफलता दिलाता है. प्रीति योग सुबह शुरू होगा और रात 8:21 बजे तक सक्रिय रहेगा. इसके साथ ही, आयुष्मान योग भी दोपहर 12:17 बजे तक बनेगा, जो इस दिन को पूजा और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए और भी अनुकूल बनाता है.

सकट चौथ का शुभ मुहूर्त

सकट चौथ पर, भक्त पूरी श्रद्धा से भगवान गणेश की पूजा करते हैं. 6 जनवरी को गणेश पूजा के लिए सबसे शुभ समय सुबह 9:51 बजे से दोपहर 1:45 बजे तक रहेगा. इस समय पूजा करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं. इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त, दोपहर 12:06 बजे से 12:48 बजे तक, भी पूजा के लिए बहुत फलदायी माना जाता है. हालांकि, राहु काल दोपहर 3:03 बजे से 4:21 बजे तक रहेगा, इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए.

चंद्रोदय का समय

रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत पूरा होता है. 6 जनवरी 2026 को चंद्रमा निकलने का समय रात 8:54 बजे है. अर्घ्य देते समय भक्तों को पानी में दूध, फूल और चावल के दाने मिलाने चाहिए. यह अनुष्ठान सकट चौथ व्रत के पूरा होने का प्रतीक है और परिवार में शांति, समृद्धि और सुरक्षा लाता है.

Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.