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भगवान के आगे दीया जलाने का सही तरीका बदल देगा किस्मत, जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में दीया जलाने के सही नियमों का पालन करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, मन्नत पूरी होती है और नकारात्मकता दूर रहती है.

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Kuldeep Sharma

हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान दीया जलाना बेहद शुभ माना जाता है. सही तरीके से दीया जलाने पर घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और मन भी शांत रहता है. 

वास्तु शास्त्र के अनुसार दीए को भगवान की मूर्ति से थोड़ा दाएं करना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में दक्षिण या पश्चिम दिशा में नहीं जलाना चाहिए. कार्तिक महीने की कुछ विशेष तिथियों को छोड़कर ये दिशाएं अशुभ मानी जाती हैं. दीया जलाने के सही नियमों को अपनाने से घर में खुशहाली और समृद्धि आती है.

दिया जलाने का सही तरीका

दीया जलाते समय सही दिशा और स्थान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. शास्त्र के अनुसार दीया को भगवान की मूर्ति के ठीक सामने नहीं रखना चाहिए, बल्कि थोड़ा दाईं ओर रखना चाहिए. इसे मूर्ति के पास अत्यधिक पास भी नहीं रखना चाहिए. सही दूरी और स्थान बनाए रखने से न केवल पूजा का महत्व बढ़ता है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी अधिक होता है. ध्यान रखें कि दीपक हमेशा स्थिर जगह पर हो और हवा या झटके से बचा रहे.

किस दिशा में कभी न जलाएं दीया

वास्तु शास्त्र के अनुसार दीया को दक्षिण और पश्चिम दिशा में जलाना अशुभ माना जाता है. दक्षिण दिशा यमराज की दिशा मानी जाती है, इसलिए यहां दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश कर सकती है. पश्चिम दिशा में जलाने से दरिद्रता आने की संभावना होती है. हालांकि, कार्तिक महीने की कुछ विशेष तिथियों में दक्षिण दिशा में दीया जलाना यम देवता के लिए शुभ माना जाता है. इन दिशाओं में जलाने से बचना ही बेहतर है.

किस दिशा में जलाएं दीया

ईशान कोण, यानी उत्तर-पूर्व दिशा, दीया जलाने के लिए सबसे शुभ मानी जाती है. यह दिशा देवी-देवताओं का निवास स्थान मानी जाती है और यहां दीया जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. सभी नेगेटिव एनर्जी धीरे-धीरे घर से बाहर चली जाती है. पूजा के समय उत्तर-पूर्व दिशा में दीया जलाने से घर में खुशहाली और समृद्धि आती है.

दीए के रखरखाव और सफाई

दीए को नियमित रूप से साफ करना और उसमें ताजा तेल या घी का उपयोग करना चाहिए. बुरी तरह से जले या धूर्त दीए को बदलना चाहिए. नियमित सफाई से दीया लंबे समय तक जलता है और ऊर्जा स्थिर रहती है. पूजा के दौरान दीए को स्थिर रखना और बच्चों या पालतू जानवरों से दूर रखना भी जरूरी है.

वास्तु शास्त्र में अन्य टिप्स

घर के मंदिर में दीए के अलावा अन्य वस्तुएं जैसे घी, फूल और लाल कपड़ा भी पूजा में सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं. दीया जलाते समय मन से शांति और सकारात्मक विचार बनाए रखें. शास्त्र में कहा गया है कि सही दिशा और नियमित रूप से दीया जलाने से मन्नत पूरी होती है और घर का माहौल पवित्र रहता है.