menu-icon
India Daily

कौन बनेगा केरल का नया मुख्यमंत्री? इन 3 नामों पर चर्चा तेज; मल्लिकार्जुन खरगे के पास पहुंची पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट

केरल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कांग्रेस पार्टी अपने मुख्यमंत्री के नाम फाइनल करने में जुट गई है. इसके लिए कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक रिपोर्ट सौंपी है.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
कौन बनेगा केरल का नया मुख्यमंत्री? इन 3 नामों पर चर्चा तेज; मल्लिकार्जुन खरगे के पास पहुंची पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट
Courtesy: ANI

केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे यानी UDF को जीत मिली है. जिसके बाद से राज्य के मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चर्चा शुरू हो गया है. सीएम के चुनाव के लिए कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है. 

मिल रही जानकारी के मुताबिक इन पर्यवेक्षकों ने इस रिपोर्ट में विधायकों की राय और वर्तमान स्थिति के बारे में बताया है. इसके लिए उन्होंने विधायकों के साथ सामूहिक बैठक की और एक-एक कर के मुलाकात की ताकी नेतृत्व का चयन सही ढंग से हो सके.  सभी विधायकों से मिलने और बात करने के बाद उसे उच्च कमान के पास पेश किया गया है, जिसकी मदद से अब सीएम नाम फाइनल किया जाएगा.

कौन बन सकता है केरल का सीएम?

सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक विधायकों का सबसे ज्यादा समर्थन के.सी. वेणुगोपाल को मिला है. उन्हें कांग्रेस के बड़े नेता और राहुल गांधी के काफी करीबी भी बताया जाता है. ऐसे में अब यह सवाल उठता है कि क्या राहुल गांधी उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपेंगे या नहीं. हालांकि अगर उनके नाम पर किसी भी कारण से सहमति नहीं बन पाती है तो फिर कांग्रेस  के पास अन्य दो विकल्प भी मौजूद बताए जा रहे हैं. रेमेश चेन्निथला केरल की राजनीति में अपनी पकड़ के लिए जाने जाते हैं. ऐसे में दूसरे विकल्प के रूप में उन्हें भी देखा जा रहा है.

पार्टी के उच्च नेताओं पर पूरी जिम्मेदारी

इन दो नामों के अलावा वी.डी. सतीशन के नाम को लेकर भी चर्चा है. उनके पास ना केवल कांग्रेस विधायक बल्कि यूडीएफ के दूसरे सहयोगी दलों का भी समर्थन है. इनके नाम पर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल कांग्रेस (जोसेफ गुट) और RSP जैसे दलों ने भी समर्थन जताया है. अब इन सभी नामों में किस नाम पर फाइनल मुहर लगेगी, इसकी जिम्मेदारी पार्टी के उच्च कमान के पास है. रिपोर्ट के अध्ययन के बाद वह राज्य में पार्टी और मजबूत करने के लिए किसी ऐसे नेता का चयन कर सकते हैं, जिसपर पूरा विश्वास हो. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी भी इस रिपोर्ट पर चर्चा कर रहे हैं.