भारती की इकलौती ट्रेन जो है बिल्कुल फ्री, नहीं लगता टिकट का पैसा


Princy Sharma
01 Jan 2026

भारत की अनोखी ट्रेन

    एक ऐसे देश में जहां ट्रेन के टिकट हफ्तों पहले बिक जाते हैं वहीं, दुर्लभ भारतीय ट्रेन बिना टिकट, रिजर्वेशन या पेमेंट के चलती है. जी हां पूरी तरह से हर दिन मुफ्त.

मुफ्त यात्रा

    भाखड़ा-नंगल ट्रेन 1948 से लगातार चल रही है, जो इसे भारत की सबसे पुरानी और सबसे अनोखी रेलवे सेवाओं में से एक बनाती है.

छोटी लेकिन सुंदर यात्रा

    यह सिर्फ 13 किमी की दूरी नंगल (पंजाब) और भाखड़ा (हिमाचल प्रदेश) के बीच यात्रा तय करती है. इसके साथ सतलुज नदी और शिवालिक पहाड़ियों के सुंदर दृश्य दिखाती है.

क्यों बनाई यह ट्रेन

    यह ट्रेन मूल रूप से भाखड़ा-नंगल बांध के निर्माण के दौरान मजदूरों, इंजीनियरों और निर्माण सामग्री को ले जाने के लिए शुरू की गई थी.

अपग्रेड वर्जन

    1953 में ट्रेन में अमेरिका से आयातित डीजल इंजन लगाए गए. आज भी, इसकी साधारण सीटें इसके लंबे और गौरवशाली इतिहास को दर्शाती हैं.

मुफ्त रहने की वजह

    हालांकि ट्रेन प्रति घंटे 18-20 लीटर ईंधन का इस्तेमाल करती है लेकिन फिर भी भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड ने इसकी विरासत का सम्मान करने के लिए इसे मुफ्त रखने का फैसला किया.

यात्रा

    रिपोर्ट्स के अनुसार, हर दिन 800 से ज्यादा लोग इस ट्रेन में यात्रा करते हैं, जिनमें बांध के कर्मचारी, स्थानीय लोग और पर्यटक शामिल हैं.

विरासत अनुभव

    यात्रियों को भारत के सबसे ऊंचे बांधों में से एक, भाखड़ा-नंगल बांध के साथ-साथ शानदार प्राकृतिक नजारे देखने का भी मौका मिलता है.

इतिहास

    जबकि सरकारें, नियम और रेलवे सिस्टम बदल गए हैं, यह ट्रेन बिना किसी बदलाव के चल रही है. मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि लोगों और इतिहास के लिए.

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