Womens Day 2025: बेटी से लेकर मां तक, मोदी सरकार की इन 10 योजनाओं ने बदल दी महिलाओं की जिंदगी
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ - बालिकाओं के उज्जवल भविष्य की पहल
2015 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना और बाल लिंग अनुपात को सुधारना है. इसके तहत सरकार ने महिला शिक्षा में निवेश किया, जिससे महिला नामांकन दर में वृद्धि हुई है.
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना - मातृत्व सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
2017 में शुरू की गई इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है. पहली बार मां बनने पर ₹5000 की सहायता राशि और बेटी को जन्म देने पर ₹6000 अतिरिक्त सहायता मिलती है.
उज्ज्वला योजना - धुएं से मिली आज़ादी
2016 में शुरू हुई इस योजना के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिया गया, जिससे 10 करोड़ से अधिक परिवारों को लाभ मिला. इससे महिलाएं स्वच्छ ईंधन का उपयोग कर रही हैं, जिससे उनका स्वास्थ्य बेहतर हुआ है.
तीन तलाक पर प्रतिबंध - मुस्लिम महिलाओं को मिला न्याय
2019 में लागू यह कानून मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की कुप्रथा से बचाने के लिए बनाया गया. अब तीन तलाक को अपराध माना जाता है, जिसमें दोषी को तीन साल की सजा हो सकती है.
महिला शक्ति केंद्र - ग्रामीण महिलाओं का सशक्तिकरण
2017 में शुरू इस योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया. इसका मकसद महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से मजबूत बनाना है.
सुकन्या समृद्धि योजना - बेटियों के सुरक्षित भविष्य की योजना
2015 में शुरू हुई यह बचत योजना 10 साल से कम उम्र की लड़कियों के लिए बनाई गई है. इसमें माता-पिता न्यूनतम ₹250 से अधिकतम ₹1.5 लाख सालाना जमा कर सकते हैं, जिससे बेटियों की शिक्षा और शादी के लिए आर्थिक मदद मिलती है.
महिला ई-हाट - महिला उद्यमियों के लिए डिजिटल मंच
2016 में शुरू इस योजना ने महिला व्यापारियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म प्रदान किया, जिससे वे बिना किसी कमीशन के अपने प्रोडक्ट बेच सकती हैं और आत्मनिर्भर बन सकती हैं.
सखी निवास (कामकाजी महिला छात्रावास योजना)
इस योजना के तहत कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास दिया जाता है. सरकार का लक्ष्य 523 छात्रावासों से 26,306 महिलाओं को लाभ देना है.
राष्ट्रीय महिला कोष योजना - महिलाओं को आर्थिक सहायता
यह योजना गरीब महिलाओं को छोटे ऋण उपलब्ध कराती है, जिससे वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें. मुद्रा योजना के तहत 69% ऋण महिलाओं को दिए गए हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन रही हैं.
वन स्टॉप सेंटर योजना - हिंसा पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा
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महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार का बड़ा कदम
इन योजनाओं ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार लाने और सामाजिक न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाई है. आने वाले वर्षों में ये योजनाएं महिला सशक्तिकरण को और मजबूत करेंगी.