इस्लाम में मृत्यु के बाद कैसे किया जाता है सुपुर्द-ए-खाक
सुपुर्द-ए-खाक क्या है
जब किसी मुसलमान व्यक्ति की मृत्यु होती है और उसका अंतिम संस्कार इस्लाम के तौर तरीकों से होता है तो उसको सुपुर्द-ए-खाक कहते हैं.
जलाया नहीं दफनाया जाता है
इस्लाम में शव को जलाया नहीं बल्कि दफनाया जाता है.
गुस्ल
जब किसी मृत मुस्लमान व्यक्ति को दफ्न किया जाता है उससे पहले उसे गुस्ल दिया जाता है. गुस्ल मतलब नहाना होता है.
कफन पहनाना
गुस्ल के बाद शव को कफन पहनाया जाता है.
नमाज अदा
कफन लपेटे जाने के बाद शव को मस्जिद या कब्रिस्तान नमाज अदा करने के लिए ले जाया जाता है.
कब्र में दफ्न
नमाज अदा करने के बाद शव को कब्र में दफ्न कर दिया जाता है.
अंतिम संस्कार की रस्में
इस तरह से एक मुसलमान व्यक्ति के अंतिम संस्कार की रस्में पूरी होती हैं.
सुपुर्द-ए-खाक
आज माफिया मुख्तार अंसारी की भी सुपुर्द-ए-खाक है.