किसने बनाई पहली छाता? इस्तेमाल करने वाले का उड़ा मजाक
कहां बना था दुनिया का पहला छाता?
छाते का पहला इस्तेमाल करीब 4,000 साल पहले प्राचीन चीन में हुआ था. यह सिर्फ बारिश नहीं बल्कि धूप से बचने और रुतबे का प्रतीक भी था.
शुरुआत में कैसा था छाते का डिज़ाइन?
प्राचीन छाते भारी, सजावटी और रेशम, तेल लगे कागज, चमड़े और बांस से बने होते थे. इन्हें सिर्फ खास लोग ही इस्तेमाल करते थे.
शाही प्रतीक क्यों बना था छाता?
राजा-महाराजा छाते को अपनी शान का हिस्सा मानते थे. जितना बड़ा और भारी छाता, उतनी बड़ी शान समझी जाती थी.
कैसे फैला छाता दुनिया भर में?
चीन से छाते का चलन भारत, पर्शिया, ग्रीस और रोम तक पहुंचा. हर जगह इसे ऊंचे वर्ग के प्रतीक के रूप में अपनाया गया.
जोनास हैनवे: जिसने बदली सोच
18वीं सदी में लंदन के जोनास हैनवे ने पहली बार बारिश से बचने के लिए छाते का उपयोग किया. शुरुआत में लोग उनका मजाक उड़ाते थे.
कब से हुआ बारिश में छाते का इस्तेमाल?
जोनास के प्रयासों से धीरे-धीरे बारिश में छाता चलन में आया. अब यह सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं रहा, पुरुषों ने भी इसे अपनाया.
छाते के नाम का मतलब क्या है?
'Umbrella' शब्द लैटिन के 'umbra' से आया है, जिसका मतलब होता है 'छाया'. यानी छाता, जो आपको सूरज या बारिश से छाया देता है.
आज का मॉडर्न छाता: हल्का, फोल्डेबल और स्मार्ट
अब छाते हल्के, पोर्टेबल और वाटरप्रूफ मटीरियल से बनने लगे हैं. कुछ तो स्मार्ट टेक्नोलॉजी वाले भी हैं, जो हवा में भी टिके रहते हैं.
यूरोप में छाते का पहला रूप कैसा था?
यूरोप में छाते को शुरुआत में सिर्फ धूप से बचने के लिए महिलाएं इस्तेमाल करती थीं. पुरुषों द्वारा इसका इस्तेमाल नहीं होता था.