राहुल गांधी ने सिंगर जुबिन की तुलना कंचनजंगा से क्यों की?
सिंगर जुबिन गर्ग को की श्रद्धांजलि अर्पित
राहुल गांधी ने गुवाहाटी पहुंच कर सिंगर जुबिन गर्ग को श्रद्धांजलि अर्पित की.
'जुबीन दा कंचनजंगा की तरह थे'
इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि 'जुबीन दा कंचनजंगा की तरह थे - ईमानदार, अडिग और खूबसूरत'
परिवार को दी सांत्वना
राहुल ने सिंगर के परिवार को सांत्वना दी और उनकी स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित की.
कंचनजंगा पर्वत को देखा
राहुल गांधी ने आज उस स्थान पर कंचनजंगा पर्वत को देखा था, जहां सिंगर के परिवार ने जुबीन का अंतिम संस्कार किया था.
'महान आत्मा को खो दिया'
आगे राहुल ने कहा कि 'भारत और असम ने न केवल एक कलाकार, बल्कि एक ऐसी महान आत्मा को खो दिया है जिसने अनगिनत दिलों को छुआ है.'
परिवार के सदस्यों से की मुलाकात
राहुल गांधी ने कहा कि 'जुबीन दा का परिवार और असम के लोग सच्चाई और न्याय के अलावा किसी और चीज के हकदार नहीं हैं. सरकार को एक त्वरित और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करनी चाहिए.'
'परिवार के दुःख में उनके साथ हूं'
आगे राहुल बोले कि 'मैं उनके परिवार के दुःख में उनके साथ हूं और हर संभव तरीके से उन्हें अपना पूरा समर्थन देता हूं.'
असम के सांस्कृतिक आइकन थे सिंगर
जुबिन गर्ग असम के सांस्कृतिक आइकन थे.
इतने हजार गा चुके थे गाने
1972 में तिनसुकिया जिले में जन्मे वे 40 भाषाओं में 38 हजार से ज्यादा गाने गा चुके थे.