Mahakhumb 2025: 144 साल बाद बना ऐसा शुभ योग, भूलकर भी न करें मिस
Babli Rautela
20 Dec 2024
महाकुंभ 2025
महाकुंभ 2025 का आयोजन 144 साल बाद प्रयागराज में किया जाएगा, जो 13 जनवरी से लेकर 26 फरवरी तक चलेगा.
कुंभ मेला
महाकुंभ हिंदू धर्म का सबसे बड़ा धार्मिक समागम है, जिसमें चार प्रमुख स्थानों पर कुंभ मेला आयोजित होता है
महाकुंभ स्नान का महत्व
महाकुंभ स्नान का महत्व आत्मा की शुद्धि और आध्यात्मिक जागरण से जुड़ा हुआ है.
6 शाही स्नान
इस बार महाकुंभ में कुल 6 शाही स्नान होंगे, जिनमें 3 मुख्य शाही स्नान और 3 अर्द्ध-शाही स्नान शामिल हैं
त्रिदेवों का आशीर्वाद
गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम में स्नान करने से त्रिदेवों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. त्रिवेणी संगम का पवित्र जल जैविक और औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है
12 साल में एक बार कुंभ मेला
कुंभ मेला हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है, लेकिन महाकुंभ हर 144 साल में होता है
पहले शाही स्नान की तारीख
महाकुंभ 2025 का पहला शाही स्नान 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के दिन होगा.
नागा साधुओं का शाही स्नान
महाकुंभ में नागा साधुओं का शाही स्नान विशेष महत्व रखता है, जिसे आम श्रद्धालु भी देख सकते हैं