आर्मी इंफ्रेंट्री स्कूल 2 हफ्ते बढ़ेगी ट्रेनिंग, दी जाएगी खास ड्रोन ट्रेनिंग


Princy Sharma
22 Apr 2025

ट्रेनिंग का समय बढ़ेगा

    सेना के इन्फैंट्री स्कूल में जवानों को दी जाने वाली ट्रेनिंग का समय अब 2-3 हफ्ते तक बढ़ सकता है.

ड्रोन ऑपरेशन की ट्रेनिंग

    ट्रेनिंग पीरियड बढ़ाने का मकसद ये है कि अलग-अलग तरह के ड्रोन्स की ज्यादा प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जा सके.

क्या सिखाया जाता है?

    फिलहाल ट्रेनिंग में हथियार चलाना, फायरिंग, और टेक्टिकल स्किल्स जैसे विषय शामिल हैं. अब इसमें ड्रोन ट्रेनिंग भी जोड़ी जा रही है.

कौन-कौन से ड्रोन सेना में हैं?

    सेना में FPV ड्रोन, सर्विलांस कॉप्टर, नैनो ड्रोन, मिनी UAV, लॉजिस्टिक ड्रोन, स्वॉर्म ड्रोन जैसे कई हाईटेक ड्रोन्स शामिल किए गए हैं.

FPV ड्रोन क्या है?

    FPV (First Person View) ड्रोन से सैनिक हेडसेट के जरिए लाइव इमेज देख सकते हैं. ये तेज रफ्तार और हमलों के लिए बेहद उपयोगी होता है.

स्वॉर्म ड्रोन की खासियत

    कई ड्रोन्स मिलकर एक झुंड (स्वॉर्म) बनाते हैं, जिसमें एक मेन ड्रोन बाकी ड्रोन्स को कंट्रोल करता है.

OEM से मिलती है स्पेशल ट्रेनिंग

    जब भी कोई नया उपकरण सेना में शामिल होता है, उसकी ट्रेनिंग उसके निर्माता (OEM) द्वारा दी जाती है.

कोर्स में बदलाव

    सभी ट्रेनिंग कोर्स के सिलेबस में ड्रोन से जुड़ी जानकारी को जोड़ा गया है और जरूरत के अनुसार अपडेट किया गया है.

हर स्कूल में मिलेंगे ड्रोन

    सभी ट्रेनिंग इंस्टिट्यूशन्स में पर्याप्त संख्या में ड्रोन्स की व्यवस्था की जा रही है ताकि ट्रेनिंग प्रभावी हो.

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