जवान ही नहीं किंग खान की ये फिल्में भी थी नेशनल अवॉर्ड की हकदार!
Babli Rautela
02 Aug 2025
बाजीगर
‘बाजीगर’ (1993) ने शाहरुख को एक खतरनाक खलनायक के रूप में पेश किया.
डर
‘डर’ (1993) में शाहरुख का सनकी प्रेमी का किरदार आज भी सिनेमाई इतिहास में अमर है.
स्वदेस
‘स्वदेस’ (2004) शाहरुख की सबसे संवेदनशील फिल्मों में से एक है.
चक दे इंडिया
‘चक दे इंडिया’ (2007) में शाहरुख ने हॉकी कोच कबीर खान के रूप में दमदार अभिनय किया.
कल हो ना हो
‘कल हो ना हो’ (2003) ने रोमांटिक फिल्मों के ढांचे को तोड़ा.
वीर जारा
‘वीर जारा’ (2004) भारत-पाकिस्तान के बीच प्रेम की एक संवेदनशील कहानी है.
पहेली
‘पहेली’ (2005) एक फंतासी ड्रामा थी, जिसे ऑस्कर के लिए चुना गया था.
माई नेम इज खान
‘माई नेम इज खान’ (2010) में शाहरुख ने एस्परगर सिंड्रोम से ग्रस्त रिजवान खान का किरदार निभाया.
देवदास
‘देवदास’ (2002) में शाहरुख ने प्रेम, दुख और टूटन को अपने सूक्ष्म अभिनय से जीवंत किया.