Good Friday: जानिए ईसा मसीह के बलिदान की कहानी
क्यों है ये दिन खास?
गुड फ्राइडे ईसा मसीह के बलिदान की याद का दिन है, जो ईसाई धर्म में गहरे शोक और प्रार्थना के साथ मनाया जाता है.
क्यों मनाते हैं गुड फ्राइडे?
गुड फ्राइडे वह दिन है जब यीशु मसीह को क्रूस पर चढ़ाया गया था, उन्होंने मानवता के पापों के लिए बलिदान दिया.
पास्का त्रिदिन की शुरुआत
गुड फ्राइडे 'पास्का त्रिदिन' का हिस्सा है, जो माउंडी थर्सडे से शुरू होता है और ईस्टर रविवार तक चलता है.
उपवास और प्रार्थना का दिन
ईसाई लोग इस दिन उपवास करते हैं, जरूरतमंदों को दान देते हैं और चर्च में विशेष प्रार्थनाएं करते हैं.
तीन घंटे की विशेष सेवा
गुड फ्राइडे पर दोपहर 12 से 3 बजे तक 'तीन घंटे की पीड़ा सेवा' होती है, जो यीशु की क्रूस पर पीड़ा की याद है.
यीशु को क्यों मारा गया?
बाइबल के अनुसार, यीशु को ईश्वर का पुत्र बताने पर यहूदी धर्मगुरुओं ने ईशनिंदा का आरोप लगाकर उन्हें रोमनों के हवाले कर दिया.
क्रॉस पर चढ़ाए जाने की कहानी
यीशु को भीड़ के सामने मारा गया, उन्हें भारी लकड़ी का क्रूस उठाकर ले जाना पड़ा और फिर हाथ-पैरों में कील ठोंक दी गई.
बलिदान का उद्देश्य
यीशु का बलिदान मानव जाति के पापों को मिटाने और ईश्वर से दोबारा संबंध जोड़ने का रास्ता था.
शोक से आशा की ओर
गुड फ्राइडे शोक का दिन होते हुए भी ईस्टर की आशा से जुड़ा है, जो जीवन, पुनरुत्थान और नई शुरुआत का संदेश देता है.