'ऐसा है स्वर्ग और नर्क', महिला ने मौत के बाद 11 मिनट महसूस किया दोनों जगह का हाल, अभी तक मिस कर रही ये चीज

यूके की 68 साल की शेर्लोट होल्म्स को 11 मिनट तक क्लिनिकली डेड घोषित किया गया था. होश में लौटने के बाद उन्होंने दावा किया कि इस दौरान उन्होंने स्वर्ग और नर्क दोनों का अनुभव किया, जिसे वह आज तक नहीं भूल पाई हैं.

grok
Reepu Kumari

नई दिल्ली: घटना वाले दिन शेर्लोट होल्म्स रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल गई थीं. जांच के दौरान अचानक उनका ब्लड प्रेशर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया. डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया, लेकिन स्थिति बिगड़ती चली गई. इसी दौरान उनका दिल धड़कना बंद हो गया और मेडिकल टीम ने उन्हें क्लिनिकली डेड घोषित कर दिया. यह स्थिति पूरे 11 मिनट तक बनी रही, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई.

शेर्लोट का कहना है कि इन 11 मिनटों के दौरान वह पूरी तरह सचेत थीं. उन्होंने खुद को ऑपरेशन टेबल पर लेटे देखा और डॉक्टरों को इलाज करते हुए महसूस किया. उनके अनुसार, उस समय उन्हें फूलों जैसी एक खास खुशबू आ रही थी और आसपास मधुर संगीत सुनाई दे रहा था, जो किसी सामान्य अस्पताल के माहौल से बिल्कुल अलग था.

'शांत और उजाले से भरी जगह'

अपने अनुभव को साझा करते हुए शेर्लोट ने बताया कि इसके बाद उन्होंने खुद को एक शांत और उजाले से भरी जगह पर पाया. वहां न डर था और न ही दर्द. उन्होंने अपने दिवंगत रिश्तेदारों को देखा, जो स्वस्थ और खुश नजर आ रहे थे. उनके माता-पिता भी वहां मौजूद थे, जिन्हें देखकर उन्हें गहरा सुकून महसूस हुआ.

अनुभव बदल गया

महिला ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपने उस बच्चे को देखा, जिसकी मौत पहले हो चुकी थी. हालांकि इसके बाद उनका अनुभव बदल गया और उन्होंने एक ऐसी जगह देखी, जहां लोग पीड़ा में थे. शेर्लोट के मुताबिक, यह अनुभव डरावना था और वहां का माहौल भारी और बेचैन करने वाला था.

अपने पिता की आवाज सुनाई दी

शेर्लोट ने बताया कि तभी उन्हें अपने पिता की आवाज सुनाई दी, जिन्होंने कहा कि अभी उनका समय नहीं आया है और उन्हें वापस जाना होगा. इसके तुरंत बाद उन्होंने अस्पताल में आंखें खोल दीं. डॉक्टरों ने बताया कि उनकी दिल की धड़कन दोबारा शुरू हो चुकी है. शेर्लोट का मानना है कि जो कुछ उन्होंने देखा, वह मौत के बाद का वास्तविक अनुभव था.

Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.