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'ये मारता है...' पीआर श्रीजेश के बेटे ने पीएम मोदी को बता दी सच्चाई

वायरल वीडियो में पीएम मोदी श्रीजेस के बेटे से पूछा कि क्या ये मारता है?  जवाब में लड़के ने सिर हिलाया, जिससे सभी हंस पड़े. बाद में वीडियो में पीएम को बच्चे को मिठाई देते हुए देखा गया. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.

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पीएम मोदी ने ओलंपिक के चैंपियन खिलाड़ियों का स्वागत किया. 15 अगस्त को अपने आवास पर उन्होंने प्लेयर के साथ बात की और उनका अनुभव सुना. इस दौरान पूरी हॉकी टीम वहां मौजूद रही. गोलकीपर पीआर श्रीजेस का परिवार पीएम मोदी से मिलने पहुंचा. इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पीएम मोदी ने श्रीजेस के बेटे से भी बात की. 

वायरल वीडियो में पीएम मोदी श्रीजेस के बेटे से पूछा कि क्या ये मारता है? जवाब में लड़के ने सिर हिलाया, जिससे सभी हंस पड़े. बाद में वीडियो में पीएम को बच्चे को मिठाई देते हुए देखा गया.

कोच्चि में हुआ जोरदार स्वागत

भारतीय हॉकी के दिग्गज गोलकीपर श्रीजेश का कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया. उन्होंने कहा कि वह खिलाड़ी से कोच बनने के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार करने में अगले 2-3 महीने बिताएंगे. हवाई अड्डे से पलारीवत्तोम तक रोड शो सहित उन्हें दिए गए उत्साहपूर्ण स्वागत के संबंध में उन्होंने कहा कि यह केक पर चेरी की तरह था.

उन्होंने हवाई अड्डे के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, देश के लिए कड़ी मेहनत करना, बहुत त्याग करना और फिर पदक जीतना, यह सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि देश के लिए है. इसलिए, इस खुशी का हिस्सा बनना, सभी द्वारा आयोजित स्वागत, केक पर चेरी की तरह है. खुशी दोगुनी हो जाती है.

श्रीजेश आगे क्या करेंगे? 

अपने करियर के अगले कदम के बारे में श्रीजेश ने कहा कि वह जानते हैं कि एक खिलाड़ी के तौर पर उन्हें क्या करना है. उन्होंने कहा कि लेकिन एक कोच के तौर पर मुझे क्या करना चाहिए या एक खिलाड़ी से कोच बनने के लिए मुझे क्या करना चाहिए, इसके लिए मुझे मानसिक रूप से तैयार होना होगा. इसलिए मैं अगले 2-3 महीने इसी पर खर्च करूंगा.

कई विधायकों सहित बड़ी भीड़ ने हवाई अड्डे पर श्रीजेश का स्वागत किया. इसके बाद हॉकी खिलाड़ी ने हवाई अड्डे से खुली जीप में रोड शो किया. श्रीजेश ने हाल ही में संपन्न पेरिस ओलंपिक खेलों में देश को लगातार दूसरी बार कांस्य पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बाद खेल को अलविदा कह दिया. वह अब जूनियर भारतीय हॉकी टीम के कोच बनने जा रहे हैं.