मुर्दाघर में काम करते-करते खाने लगा शवों का मांस, शख्स ने सुनाई 'नरभक्षी' बनने की खौफनाक कहानी

फ्रांस के निको क्लॉक्स ने पॉडकास्ट में स्वीकार किया कि मुर्दाघर में काम करने के बाद उसे इंसानी मांस खाने की लालसा हुई. उसने अपने अनुभव, चोरी और हत्या की साजिश के बारे में भयावह खुलासे किए हैं.

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Kuldeep Sharma

फ्रांस में एक ऐसे शख्स की कहानी सामने आई है जिसने खुद को नरभक्षी बताया और खुलासे से सबको हिलाकर रख दिया. निको क्लॉक्स ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में कहा कि मुर्दाघर में काम करने के बाद उसका अंदरूनी नेचर बाहर आ गया. 

उसने बताया कि किस तरह पोस्टमार्टम के दौरान वह शवों से मांस चुराकर पहले कच्चा और फिर पकाकर खाता था. इस खौफनाक खुलासे ने सबको हिलाकर रख दिया है.

पहली बार कैसे आया इंसानी मांस खाने का ख्याल

निको क्लॉक्स ने बताया कि बचपन से ही मृत शरीरों और मांस के प्रति उसकी असाधारण रुचि थी. दादा के निधन के बाद वह मुर्दाघर के पास गया और 12 साल की उम्र में कुख्यात इस्सेई सागावा के कृत्य के बारे में पढ़कर उसकी अंदर की लालसा और तेज हो गई. यही चाहत धीरे-धीरे उसे ऐसे रास्ते पर ले गई जहां उसने निषिद्ध मांस चखने की ठानी.

पोस्टमार्टम के दौरान चुरा लेता था इंसानी मांस

क्लॉक्स ने बताया कि जब वह मुर्दाघर में अकेला छोड़ दिया जाता था, तो वह शवों से मांस के छोटे-छोटे टुकड़े निकाल लेता था. शुरुआत में वह कच्चा मांस खाता था. बाद में वह उन्हें घर ले जाकर अलग-अलग तरीकों से पकाकर खाता. उसने स्वीकार किया कि यह काम उसके लिए आसान और बिना किसी जोखिम का था क्योंकि शवों तक उसकी पहुंच रहती थी.

ताजा मांस खाने के लिए बनाई थी हत्या की योजना

मुर्दाघर से चुराया गया मांस उसकी भूख नहीं मिटा पाया, इसलिए उसने आगे बढ़कर ताजा मांस पाने की साजिश रची. क्लॉक्स ने ऑनलाइन मिले थिएरी बिसोनियर को निशाना बनाने की साजिश का भी खुलासा किया है. उसका उद्देश्य किसी का शरीर मारकर उसके अंग प्राप्त करना था, लेकिन पुलिस ने उसे इस कदम से पहले ही रोका और बाद में गिरफ्तार कर लिया.

कैसा होता है इंसानी मांस का स्वाद

लोग हमेशा उससे पूछते रहे कि इंसानी मांस का स्वाद कैसा होता है. क्लॉक्स ने तुलना करते हुए कहा कि यह घोड़े के मांस जैसा था, किंतु उसके लिए स्वाद से ज्यादा रोमांच और सनसनी मायने रखती थी. उसने बताया कि यह अनुभव उसे निरंतर उत्तेजित रखता था और यही वजह थी कि वह बार-बार उस कृत्य को दोहराने की लालसा महसूस करता रहा.

इंसानी मांस पकाकर खाने के लिए किसी को मारना चाहता था

क्लॉक्स ने यह भी स्वीकार किया कि उसकी मंशा केवल हत्या करना नहीं थी, बल्कि किसी के शरीर के हिस्सों को घर ले जाकर पकाकर खाने की थी. उसे मुर्दाघर से मिले छोटे टुकड़े पर्याप्त नहीं लगे, इसलिए उसने योजना बनाई.

गिरफ्तार होने पर वह जाली चेक का आरोप झेलते हुए बार-बार कानून की पकड़ में आया और आखिरी में उसे 12 साल की सजा हो गई. बाद में उसे सात साल चार महीने की कैद के बाद रिहा किया गया.