नई दिल्ली: पाकिस्तान के नास्त्रेदमस के नाम से मशहूर एक आदमी की एक चौंकाने वाली भविष्यवाणी हाल ही में वायरल हुई है, जिससे दुनिया भर के लोग परेशान और कन्फ्यूज हो गए हैं. रहस्यवादी, रियाज अहमद गौहर शाही ने कई साल पहले दावा किया था कि एक बहुत बड़ा कॉमेट धरती से टकराएगा, जो एक पल में सारी जिंदगी खत्म कर देगा. उनके फॉलोअर्स का मानना है कि उन्होंने जो टाइमलाइन बताई है, वह सीधे साल 2025 की ओर इशारा करती है, जिससे सोशल मीडिया पर पैनिक फैल गया है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रियाज अहमद शाही ने भविष्यवाणी की थी कि यह कॉमेट इतना ताकतवर होगा कि वह हमारी हर चीज को खत्म कर देगा. उन्होंने इस तबाही को कुछ ऐसा बताया जो पलक झपकते ही हो जाएगी. उनका अंदाजा उनकी 2000 की किताब 'द रिलिजन ऑफ गॉड (डिवाइन लव): अनटोल्ड मिस्ट्रीज एंड सीक्रेट्स ऑफ गॉड' से है.
इसमें उन्होंने लिखा था कि एक कॉमेट पहले ही धरती की ओर भेजा जा चुका है और इंसानियत का आखिरी दिन 20 से 25 साल में आ जाएगा. इस टाइमिंग ने अब कुछ लोगों को यह मानने पर मजबूर कर दिया है कि दुनिया को खत्म करने वाला कॉमेट कभी भी आ सकता है. उनके फॉलोअर्स का दावा है कि कॉमेट के टकराने से बड़े भूकंप, समुद्र की बड़ी लहरें और शहर और देश पूरी तरह से तबाह हो जाएंगे. वे कहते हैं कि जैसा हम जानते हैं, दुनिया का ऑर्डर इसके टकराने के तुरंत बाद खत्म हो जाएगा.
NASA का कहना है नहीं. US स्पेस एजेंसी और कई दूसरी ऑब्जर्वेटरी ने कन्फर्म किया है कि कोई भी कॉमेट या एस्टेरॉयड जल्द ही धरती से टकराने वाला नहीं है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि हालांकि 3I/ATLAS नाम का एक कॉमेट हाल ही में हमारे ग्रह के पास से गुजरा, लेकिन वह किसी भी डेंजर जोन से बहुत दूर रहा. साइंटिस्ट्स ने एक नई स्टडी का भी जिक्र किया जिसमें कहा गया है कि वीनस हमें भविष्य में छिपे हुए एस्टेरॉयड को ढूंढने में मदद कर सकता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई खतरनाक चीज अभी हमारी तरफ आ रही है.
रियाज अहमद गौहर शाही, जो पाकिस्तान में पैदा हुए थे, 2001 में रहस्यमयी तरीके से गायब होने तक लंदन में रह रहे थे. उनके फॉलोअर्स का कहना है कि वह कभी मरे नहीं बल्कि बस लोगों की नजरों से ओझल हो गए. उनका मानना है कि जब उनका बताया गया समय आएगा तो वह फिर से दिखाई देंगे. फिलहाल, एक्सपर्ट्स सभी को भरोसा दिला रहे हैं कि पृथ्वी सुरक्षित है. लेकिन रहस्यवादी की नाटकीय चेतावनी दुनिया भर में डर, जिज्ञासा और कभी न खत्म होने वाली बहस को हवा दे रही है.