अमेरिका-ईरान डील के बाद नया विवाद, क्या होर्मुज से गुजरने पर देना होगा शुल्क?

अमेरिका और ईरान ने शांति समझौते के एमओयू पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. हालांकि अभी भी कुछ ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनना बाकी है. इन विषयों पर अगले 60 दिनों तक बातचीत जारी रहेगी, जिसके बाद समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है.

Shanu Sharma

अमेरिका और ईरान के बीच लगभग चार महीनों से जारी तनाव अब खत्म होने की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है. दोनों देशों के नेताओं ने प्रस्तावित शांति समझौते के एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं और अब आगे की वार्ता जारी है. इस संभावित डील का असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की नजरें इस पर टिकी हुई हैं, क्योंकि दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव का प्रभाव वैश्विक व्यापार, ऊर्जा बाजार और समुद्री परिवहन पर भी पड़ा था.

इसी बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान की ओर से एक बड़ा बयान सामने आया है. ईरानी नेतृत्व का कहना है कि 60 दिनों की वार्ता प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लिया जा सकता है. इस संबंध में ईरानी संसद के स्पीकर द्वारा बड़ा दावा किए जाने की चर्चा है. हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर अभी अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है और इस पर भी बातचीत जारी रहने की संभावना है. अमेरिका-ईरान समझौते, इजरायल की प्रतिक्रिया और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े संभावित बदलावों को विस्तार से समझने के लिए आप इंडिया डेली के इस वीडियो को देख सकते हैं.