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एग्जिट पोल में बीजेपी की जीत तो सट्टा बाजार में हार, सोमवार को उड़ेगा मार्केट या मचेगा हाहाकार!

शेयर बाजार के दिग्गजों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के के लगातार तीसरी बार सत्ता में आने को बाजार एक दुर्लभ और एतिहासिक घटना के तौर पर देख सकता है और बाजार में एक तगड़ी चाल बन सकती है.

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India Daily Live

Business News: लोकसभा चुनाव 2024 के लिए  1 जून को जारी हुए एग्जिट पोल्स ने भाजपा नीत एनडीए की  प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने की भविष्यवाणी की है. ज्यादातर एग्जिट पोल्स ने एनडीए को 350-400 सीटें मिलने का दावा किया है. हालांकि, सीटों की यह संख्या शेयर बाजार की अपेक्षाओं से कहीं अधिक है क्योंकि शेयर बाजार के दिग्गज मानकर चल रहे थे कि एनडीए को 300 से 320 सीटें मिलने की उम्मीद है.

एग्जिट पोल का क्या होगा बाजार पर असर
बाजार के विश्लेषक मानकर चल रहे हैं कि एग्जिट पोल्स के नतीजों का शेयर बाजार पर पॉजिटिव असर होगा और यह सोमवार को यहां से एक तगड़ा उछाल मार सकता है.

शेयर बाजार के दिग्गजों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के के लगातार तीसरी बार सत्ता में आने को बाजार एक दुर्लभ और एतिहासिक घटना के तौर पर देख सकता है और बाजार में एक तगड़ी चाल बन सकती है.

एग्जिट पोल्स ने बाजार की उस घबराहट को कम कर दिया है जिसमें कहा जा रहा था कि एनडीए को 300 के करीब सीटें मिल सकती हैं. विदेशी निवेशक जो अब तक भारत की राजनीति को लेकर असमंजस की स्थिति में थे वो अब भारतीय शेयर बाजार में भारी मात्रा में निवेश कर सकते हैं.

एग्जिट पोल ने सभी निवेशकों को चिंता मुक्त कर दिया है ऐसा नहीं है, अभी भी निवेशकों में घबराहट है और वह 4 जून को आने वाले चुनाव के फाइनल नतीजों का इंतजार करेंगे.

सट्टा बाजार में भी एनडीए को बहुमत
 चुनाव हो या फिर मैच, राजस्थान के फलोदी सट्टा बाजार की भविष्यवाणियों का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है. फलोदी सट्टा बाजार का सटीक भविष्यवाणी करने का इतिहास रहा है. इस बार फलोदी सट्टा बाजार ने एनडीए को बहुमत दिया है. बाजार का कहना है कि एनडीए को 270 से 300 सीटें मिल सकती हैं.

सोमवार को सरपट दौड़ेगा बाजार
शेयर बाजार के दिग्गजों का मानना है कि एग्जिट पोल्स का बाजार पर पॉजिटिव असर होगा और सोमवार को बाजार में तेजी दिखने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि भारत को 2023 तक 12 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है जिससे नई सरकार से तेजी से प्रगतिशील सुधार किए जाने की उम्मीद है.

हालांकि, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि 4 जून को शुरुआती बढ़त के बाद बाजार बंद होते-होते इसमें मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है. उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव के परिणाम 2014, 2019 में भी इस तरह की ही स्थिति देखने को मिली थी.