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स्वास्थ्य बीमा कराने की सही उम्र क्या है? नो-क्लेम बोनस और शुरुआती निवेश के फायदे जानें

सही स्वास्थ्य बीमा योजना चुनने के लिए उसकी आयु सीमा जानना जरूरी है, क्योंकि हर पॉलिसी की न्यूनतम और अधिकतम आयु अलग होती है. इसीलिए जब भी आप हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी खरीद रहें हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए.

Gemini AI
Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: सही स्वास्थ्य बीमा योजना चुनने के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि उसकी आयु सीमा क्या है. हर बीमा कंपनी और पॉलिसी की अपनी अलग न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा होती है, जिसके अनुसार तय किया जाता है कि कौन उस योजना का लाभ उठा सकता है. इसलिए पॉलिसी लेने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपकी उम्र उसके पात्रता मानदंडों में आती है या नहीं.

विभिन्न स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों की आयु सीमा

1. वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य बीमा

यह योजनाएं 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए बनाई जाती हैं. इनमें कैशलेस अस्पताल में भर्ती, गंभीर बीमारी कवर, दवा खर्च और कई अन्य सुविधाएं शामिल होती हैं. आमतौर पर इन पॉलिसियों की आयु सीमा 60 से 75 वर्ष तक होती है.

2. युवा व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा

18 से 40 वर्ष की उम्र के लोगों के लिए ये योजनाएं उपयुक्त होती हैं. इनमें डेकेयर प्रक्रियाएं, अस्पताल में भर्ती से पहले और बाद के खर्च, और कैशलेस ट्रीटमेंट जैसी सुविधाएं मिलती हैं.

3. महिला स्वास्थ्य बीमा

महिलाओं की खास स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ये पॉलिसियां बनाई जाती हैं. इनमें मातृत्व लाभ, निवारक जांच, नवजात शिशु कवरेज और समग्र चिकित्सा सुरक्षा शामिल होती है. इनकी आयु सीमा आमतौर पर 18 से 75 वर्ष तक रहती है.

स्वास्थ्य बीमा खरीदने की आदर्श आयु

विशेषज्ञों के अनुसार, स्वास्थ्य बीमा लेने का सबसे सही समय 30 वर्ष की उम्र से पहले है.

इसके कुछ मुख्य फायदे हैं:

  • कम प्रीमियम: कम उम्र में जोखिम कम माना जाता है, इसलिए प्रीमियम भी कम होता है.
  • मेडिकल जांच की ज़रूरत नहीं: युवाओं को आम तौर पर मेडिकल टेस्ट से नहीं गुजरना पड़ता.
  • लंबे समय तक कवरेज और बचत: जल्दी पॉलिसी लेने से उम्र बढ़ने पर लगने वाले प्रतिबंधों से बचा जा सकता है.
  • परिवार की सुरक्षा: किसी भी आपात स्थिति में आपके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिलती है.
  • अतिरिक्त लाभ: कई बीमा कंपनियाँ जल्दी पॉलिसी लेने वालों को छूट और बेहतर कवरेज देती हैं.

नो-क्लेम बोनस का लाभ

अगर आप किसी वर्ष में दावा नहीं करते हैं, तो बीमा कंपनी आपकी बीमित राशि बढ़ा देती है, जबकि प्रीमियम वही रहता है. इसे नो-क्लेम बोनस (NCB) कहा जाता है. युवाओं के लिए यह फायदेमंद है, क्योंकि वे कम दावा करते हैं और साल-दर-साल बोनस बढ़ाते हैं.

पॉलिसी खरीदते समय ध्यान देने योग्य बातें

  • बीमित राशि: ऐसी राशि चुनें जो आपके चिकित्सा खर्चों को कवर कर सके.
  • कमरे का किराया: कुछ पॉलिसियों में कमरे के किराए पर सीमा होती है, इसे ध्यान से पढ़ें.
  • यह जानना ज़रूरी है कि पॉलिसी किन बीमारियों या स्थितियों को कवर नहीं करती.