नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग सिस्टम को और पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है. अब IRCTC वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर सुबह 8 बजे से 10 बजे के बीच केवल आधार-वेरीफाइड यूजर्स ही ट्रेन टिकट बुक कर सकेंगे.
यह नियम 28 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हो गया है। रेलवे के मुताबिक, यह कदम टिकट माफिया, फर्जी बुकिंग और ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर से होने वाले दुरुपयोग को रोकने और असली यात्रियों को बराबर मौका देने के लिए उठाया गया है.
सुबह 8 से 10 बजे का समय रेलवे टिकट बुकिंग के लिए सबसे व्यस्त रहता है. इस दौरान लोकप्रिय ट्रेनों में सीटों की भारी मांग रहती है. कई एजेंट और ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर सिस्टम टिकटों को ब्लॉक कर लेते हैं, जिससे आम यात्रियों को टिकट नहीं मिल पाता. इस समस्या को खत्म करने के लिए रेलवे ने यह स्लॉट केवल आधार-वेरीफाइड यूजर्स के लिए आरक्षित कर दिया है, ताकि बुकिंग प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बने.
यह कदम रेलवे के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है जिसके तहत टिकटिंग सिस्टम को फर्जीवाड़े से मुक्त करने की कोशिश की जा रही है. इससे पहले रेलवे ने 1 जुलाई से तत्काल टिकट बुकिंग में आधार वेरीफिकेशन अनिवार्य किया था. 15 जुलाई से ओटीपी आधारित ऑथेंटिकेशन सिस्टम भी लागू किया गया, ताकि एक ही व्यक्ति या एजेंट द्वारा बार-बार टिकट बुक करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सके.
जो यात्री अभी तक अपने IRCTC अकाउंट से आधार लिंक नहीं कर पाए हैं, वे इसे बहुत आसानी से ऑनलाइन कर सकते हैं. इसके लिए www.irctc.co.in पर लॉगिन करें, ‘My Profile’ सेक्शन में जाकर ‘Authenticate User’ पर क्लिक करें. फिर आधार नंबर या वर्चुअल आईडी दर्ज करें और मोबाइल पर भेजे गए ओटीपी से वेरीफिकेशन पूरा करें. इसके बाद यात्री सुबह 8 से 10 बजे के बीच भी निर्बाध रूप से टिकट बुक कर सकेंगे.
यह नियम केवल ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर लागू होगा. जो यात्री काउंटर से टिकट खरीदते हैं या अधिकृत एजेंट के जरिए बुकिंग कराते हैं, उन्हें किसी तरह के बदलाव का सामना नहीं करना पड़ेगा. रेलवे ने कहा है कि यह कदम डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने और वास्तविक यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए उठाया गया है. इससे टिकट बुकिंग प्रणाली और पारदर्शी बनेगी तथा धोखाधड़ी की घटनाएं कम होंगी.