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ट्रंप के नाम पर हुआ 2 करोड़ का साइबर फ्रॉड, कुछ इस तरह लगाया चूना

Donald Trump Investment App Fraud: कर्नाटक के 200 से ज्यादा निवेशकों ने साइबर पुलिस के सामने एक बड़ा खुलासा किया है. इन लोगों ने बताया कि उन्हें एक फर्जी ऐप के नाम पर लगभग 2 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया.

Shilpa Srivastava

Donald Trump Investment App Fraud: कर्नाटक के 200 से ज्यादा निवेशकों ने साइबर पुलिस के सामने एक बड़ा खुलासा किया है. इन लोगों ने बताया कि उन्हें एक फर्जी ऐप के नाम पर लगभग 2 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम थी. यह घोटाला पिछले 5 से 6 महीनों में हुआ है, जिसमें स्कैमर्स ने ऐप का इस्तेमाल करके लोगों को कुछ ही समय में ज्यादा रिटर्न देने का वादा किया और उन्हें बड़े निवेश करने के लिए मजबूर किया. कुछ निवेशकों को तो 100% से ज्यादा मुनाफा देने का वादा भी किया गया.

इस ऐप का नाम ट्रंप होटल रेंटल है. हालांकि, अब इस ऐप को हटा दिया गया है. लेकिन इसका इस्तेमाल करके स्कैमर्स ने 800 से ज्यादा लोगों को ठगा है. कई निवेशकों ने जल्दी मुनाफे की उम्मीद में काफी ज्यादा रकम निवेश की, जिनमें से कुछ ने 10 लाख रुपये से ज्यादा का निवेश किया. पुलिस ने कई शिकायतें मिलने के बाद बेंगलुरु, तुमकुरु, मंगलुरु, हुबली, धारवाड़, कलबुर्गी, शिवमोग्गा, बल्लारी, बीदर और हावेरी समेत कई जिलों में मामले दर्ज किए हैं. फिलहाल इस मामले की जांच जारी है. 

हाई रिटर्न के चक्कर में फंसे लोग: 

सीईएन के सर्किल पुलिस इंस्पेक्टर एसआर गनाचारी के अनुसार, स्कैमर्स ने हाई रिटर्न, रिमोट वर्क और निवेश विकल्पों का वादा करके लोगों को झांसे में फंसाया. इसके लिए विज्ञापनों का इस्तेमाल किया गया. ऐप में एक डैशबोर्ड था जो निवेश से होने वाली आय को दिखाया जाता था जिसका इस्तेमाल ज्यादा लोगों को निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए किया जाता था. पीड़ितों को ऐप पर कुछ काम दिए जाते थे और इन काम को पूरा करने पर पैसे भी दिए जाते थे. हालांकि, ये कमाई नकली होती थी. 

हावेरी जिले की बात करें तो यहां 15 मामले दर्ज किए गए हैं. कई पीड़ितों ने इसी योजना में पैसा खो दिया, लेकिन कुछ लोग अभी तक शिकायत करने के लिए आगे नहीं आए हैं. एक व्यक्ति ने बताया कि इस साल 25 जनवरी से 4 अप्रैल के बीच लगभग 6 लाख रुपये स्कैमर्स के हाथ खो दिए हैं. एक व्यक्ति ने बताया कि उन्हें हर दिन 30 रुपये दिए जाते थे और जब वो राशि 300 रुपये हो जाती थी वो वो पैसे निकाल सकते थे. अब पैसे निकालना जब इतना आसान था तो उसने 5000 रुपये निवेश करने से शुरुआत की और बाद में 1 लाख रुपये का निवेश किया. फिर आखिरी में जब उसने अपना पैसा निकालने की कोशिश की उससे टैक्स भरने के लिए कहा गया लेकिन वो पैसा नहीं निकाल पाया.