उत्तराखंड पुलिस में प्रमोशन की सौगात! 15 उपनिरीक्षक बने इंस्पेक्टर, 2 साल में 1640 कर्मियों को मिला लाभ
उत्तराखंड पुलिस में पदोन्नति प्रक्रिया को तेज करते हुए 15 उपनिरीक्षकों को निरीक्षक बनाया गया है. पिछले दो वर्षों में 1,640 पुलिसकर्मियों को प्रमोशन मिला है, जिससे पुलिस बल का मनोबल और कार्यक्षमता बढ़ी है.
उत्तराखंड पुलिस विभाग में पदोन्नति की प्रक्रिया लगातार गति पकड़ रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप पुलिस कर्मियों के कल्याण और मनोबल को मजबूत करने के लिए विभागीय पदोन्नतियों को प्राथमिकता दी जा रही है. इसी क्रम में पुलिस मुख्यालय ने सिविल पुलिस और अभिसूचना शाखा के 15 उपनिरीक्षकों को निरीक्षक पद पर पदोन्नत करने की घोषणा की है. यह कदम न केवल पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली को भी अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
15 उपनिरीक्षकों को मिली पदोन्नति
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार सिविल पुलिस और इंटेलिजेंस कैडर के 15 उपनिरीक्षकों को निरीक्षक पद पर पदोन्नत किया गया है. लंबे समय से विभागीय पदोन्नति का इंतजार कर रहे अधिकारियों के लिए यह फैसला राहत लेकर आया है. राज्य सरकार का मानना है कि समय पर पदोन्नति मिलने से कर्मचारियों में नई ऊर्जा का संचार होता है और वे अधिक जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं. पदोन्नत अधिकारियों को अब पुलिस व्यवस्था में अधिक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिलेगा.
दो वर्षों में 1,640 कर्मियों को मिला लाभ
उत्तराखंड पुलिस के लिए वर्ष 2025 और 2026 पदोन्नति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण साबित हुए हैं. वर्ष 2025 में एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई थी, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 580 कर्मियों को प्रमोशन मिल चुका है. इस प्रकार पिछले दो वर्षों में कुल 1,640 अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है. इनमें सिविल पुलिस, अभिसूचना, सशस्त्र पुलिस, दूरसंचार और अग्निशमन सेवाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं. इससे विभाग में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है.
विभिन्न पदों पर बड़े स्तर पर प्रमोशन
वर्ष 2026 में जिन पदों पर पदोन्नतियां दी गई हैं, उनमें 13 उप पुलिस अधीक्षक (जूनियर स्केल), 2 उप पुलिस अधीक्षक (एम), 26 निरीक्षक, 144 उपनिरीक्षक, 63 अपर एवं सहायक उपनिरीक्षक तथा 332 मुख्य आरक्षी शामिल हैं. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की गई है. इससे पुलिस संगठन में बेहतर प्रशासनिक संतुलन और कार्य निष्पादन की क्षमता विकसित होगी.
डीजीपी ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने सभी पदोन्नत अधिकारियों और कर्मचारियों को शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने कहा कि समय पर मिलने वाली पदोन्नति किसी भी कर्मचारी के मनोबल को मजबूत करती है और उसकी कार्यक्षमता में सकारात्मक वृद्धि करती है. उन्होंने राज्य सरकार के गृह एवं कार्मिक विभाग के साथ-साथ पुलिस मुख्यालय के कार्मिक अनुभाग की भी सराहना की, जिन्होंने तय समय के भीतर पदोन्नति प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया. अधिकारियों का मानना है कि इससे पुलिस बल की कार्यक्षमता और जनसेवा की गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा.
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