देहरादून में साइबर ठगों का बढ़ता जाल, मोबाइल रिपेयर से लेकर होटल बुकिंग के नाम पर लाखों की ठगी
देहरादून में साइबर अपराधियों का नेटवर्क लगातार सक्रिय होता जा रहा है. हाल के दिनों में सामने आए चार अलग-अलग मामलों में लोगों से करीब 4.56 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई.
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में साइबर अपराध के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ साइबर ठग भी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं.
हाल ही में शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों से ऑनलाइन धोखाधड़ी के चार अलग-अलग मामले सामने आए हैं, जिनमें पीड़ितों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा.
मोबाइल फोन ठीक कराने के बाद साइबर ठगी
पहला मामला नेहरू कॉलोनी क्षेत्र का है, जहां एक व्यक्ति मोबाइल फोन ठीक कराने के बाद साइबर ठगी का शिकार हो गया. शिकायतकर्ता के अनुसार उनका मोबाइल फोन अचानक ठीक से काम नहीं कर रहा था और लगातार अपडेट की मांग कर रहा था.
इसके चलते उन्होंने एक स्थानीय मोबाइल रिपेयर दुकान पर फोन दिखाया. कुछ समय बाद उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने बैंक खाते से रकम निकलने की जानकारी दी. जब उन्होंने अपने खाते की जांच की तो बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से कई ट्रांजेक्शन हो चुके थे. इस पूरी घटना में उन्हें लगभग 2.37 लाख रुपये का नुकसान हुआ.
ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी
डालनवाला क्षेत्र से सामने आया दूसरे मामले में एक युवती को ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठग लिया गया. बताया गया कि साइबर अपराधियों ने टेलीग्राम प्लेटफॉर्म और एक वेबसाइट के माध्यम से संपर्क कर अधिक मुनाफे का लालच दिया. धीरे-धीरे विश्वास में लेकर उनसे अलग-अलग खातों के माध्यम से रकम ट्रांसफर करवाई गई. जब तक उन्हें धोखाधड़ी का एहसास हुआ, तब तक 1.34 लाख रुपये उनके खातों से निकल चुके थे.
इसी क्षेत्र में एक और व्यक्ति बैंक अधिकारी बनकर किए गए फर्जी कॉल का शिकार हो गया. कॉल करने वाले ने खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए खाते से बड़ी रकम निकलने की सूचना दी. पीड़ित जब तक स्थिति समझ पाता, तब तक उसके खाते से एक लाख रुपये की धोखाधड़ी हो चुकी थी.
ऑनलाइन होटल बुकिंग के बहाने ठगी
वहीं चौथा मामला ऑनलाइन होटल बुकिंग से जुड़ा है. एक व्यक्ति अपने अधिकारी के लिए होटल आरक्षित करने की प्रक्रिया में था. इंटरनेट पर मिले मोबाइल नंबर और वेबसाइट के जरिए संपर्क करने पर उसे होटल का आधिकारिक प्रतिनिधि बताकर भुगतान कराया गया. बाद में पता चला कि वेबसाइट और संपर्क नंबर फर्जी थे. इस धोखाधड़ी में करीब 1.41 लाख रुपये की रकम ठगों के खाते में चली गई. इन घटनाओं के बाद पुलिस और साइबर सेल ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.