देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों की गाथाएं हमेशा राष्ट्र को प्रेरित करती हैं. जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान शहीद हुए लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी की शहादत भी ऐसी ही एक अमर कहानी बन गई है. उनके बलिदान को नमन करने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं उनके अल्मोड़ा स्थित आवास पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की.
मुख्यमंत्री धामी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने शहीद अधिकारी के परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं. इस दौरान उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और कहा कि पूरा प्रदेश इस कठिन समय में उनके साथ खड़ा है. मुख्यमंत्री ने लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत बताया.
लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी ने जम्मू-कश्मीर में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. उनका यह बलिदान भारतीय सेना की उस परंपरा को आगे बढ़ाता है, जिसमें सैनिक राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हैं.
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान मातृभूमि की रक्षा हेतु अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूत लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी जी के अल्मोड़ा स्थित आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके परिजनों से भेंट कर शोक संवेदनाएं व्यक्त की।
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— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 21, 2026
अल्मोड़ा स्थित शहीद के आवास पर पहुंचकर मुख्यमंत्री धामी ने परिवार के सदस्यों से भेंट की और दुख की इस घड़ी में उन्हें सांत्वना दी. उन्होंने कहा कि शहीद का योगदान केवल उनके परिवार का नहीं, बल्कि पूरे देश का गौरव है. राज्य सरकार भी परिवार के साथ हर संभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है.
CM ने आगे कहा कि लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का जीवन और उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा. देशभक्ति, साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण की उनकी भावना युवाओं के लिए एक आदर्श उदाहरण है.
शहीद सैनिकों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता. लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी ने जिस साहस और निष्ठा के साथ देश की सेवा की, वह हमेशा देशवासियों के दिलों में जीवित रहेगा. उनकी शहादत राष्ट्र के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी.