धामी कैबिनेट की बैठक में आज इन 6 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर, ये एक्ट लिया गया वापस
धामी कैबिनेट ने छह बड़े फैसले लिए जिनमें कर्मचारियों के लिए जरूरी बोनस, ESI में डॉक्टरों की भर्ती, एंटी-नारकोटिक्स फोर्स में नई पोस्ट, जेल एक्ट में बदलाव, माइक्रो-फूड स्कीम का विस्तार और फॉरेस्ट कर्मचारियों के लिए मानदेय शामिल है.
देहरादून: बुधवार को देहरादून सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में छह प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. सबसे जरूरी मुद्दे कैबिनेट बोनस एक्ट, ESI में डॉक्टर के पदों की मंजूरी, जेल एक्ट में बदलाव, माइक्रो फूड स्कीम और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में दिहाड़ी मजदूरों के लिए कम से कम मानदेय से जुड़े हैं.
एंटी-नारकोटिक्स फोर्स के लिए 22 नए पद बनाए गए हैं, जिससे टास्क फोर्स और मजबूत होगी. धामी सरकार के इस फैसले से राज्य में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई में और तेजी आएगी.
बोनस एक्ट में बदलाव वापस
पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 2020 में पिछले बदलाव को भी वापस लेने का फैसला लिया गया है. इसके तहत अब इंडस्ट्री के मुनाफे में न होने पर भी मजदूरों को बोनस देना जरूरी होगा. यह नियम 2020 में लाया गया था, जिसमें बोनस तभी देना जरूरी था जब इंडस्ट्री मुनाफे में न हो. कैबिनेट के फैसले के बाद, सेंट्रल पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 1965 लागू हो गया है.
ESI में डॉक्टर के पदों को मंजूरी
धामी कैबिनेट का तीसरा अहम फैसला ESI में डॉक्टरों के लिए सर्विस नियमों को मंजूरी देना है. ESI डॉक्टरों के पदों को भरने के लिए लेबर मेडिकल सर्विस रूल्स 2006 में बदलाव किया जाएगा. 76 मेडिकल ऑफिसर, 11 असिस्टेंट डायरेक्टर, छह जॉइंट डायरेक्टर और एक एडिशनल डायरेक्टर के पदों को मंजूरी दी गई है. ESI में डॉक्टरों के प्रमोशन के मौके बढ़ेंगे, जिससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी.
उत्तराखंड प्रिजन एक्ट में बदलाव
उत्तराखंड प्रिजन एक्ट में बदलाव करते हुए कैबिनेट ने फैसला किया कि आदतन अपराधी यानी जो बार-बार अपराध करते हैं उनको अब पिछले एक्ट के हिसाब से ही बताया जाएगा. इसका मतलब है कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की परिभाषा को अपना लिया है.
इन दो फैसलों को भी मंजूरी मिली
मुख्यमंत्री माइक्रो फूड स्कीम को मार्च तक बढ़ा दिया गया है. इसके अलावा, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में दिहाड़ी मजदूरों को कम से कम मानदेय यानी 18,000 रुपये मिलेगा. इस फैसले से 579 मजदूरों को फायदा होगा, जबकि 304 को यह पहले ही मिल चुका है.
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