देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति उस समय गरमा गई जब महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू का एक कथित वीडियो सामने आया. इस वीडियो में उन्होंने बिहार की लड़कियों को 20 से 25 हजार रुपये में शादी के लिए लाने जैसी आपत्तिजनक बात कही. वीडियो वायरल होते ही देशभर में विरोध शुरू हो गया. साहू ने माफी मांगी, लेकिन भाजपा ने खुद को उनके बयान से अलग कर लिया.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में गिरधारी लाल साहू अल्मोड़ा के एक कार्यक्रम में युवकों से बात करते दिख रहे हैं. वीडियो में वह कहते सुने जा रहे हैं कि अगर शादी नहीं हो रही है तो बिहार से लड़की लाकर शादी करवा देंगे. इस टिप्पणी को महिलाओं के सम्मान और गरिमा के खिलाफ बताया गया. वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली.
विवाद बढ़ने पर गिर्धारी लाल साहू ने बयान जारी कर कहा कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है. उन्होंने दावा किया कि वह एक मित्र की शादी का जिक्र कर रहे थे. साहू ने कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी की भावना आहत हुई है तो वह हाथ जोड़कर माफी मांगते हैं. हालांकि उनकी सफाई से विरोध शांत नहीं हुआ.
भाजपा की उत्तराखंड इकाई ने साहू के बयान की निंदा की और स्पष्ट किया कि उनका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है. पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी ने कहा कि भाजपा महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह की सोच या बयान का समर्थन नहीं करती. पार्टी ने यह भी साफ किया कि साहू के बयान के लिए मंत्री रेखा आर्या से कोई स्पष्टीकरण नहीं मांगा गया है.
राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर भाजपा को घेरा. उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं की सोच महिलाओं और बिहार के प्रति जहरीली है. कांग्रेस ने भी इस बयान को महिलाओं का अपमान बताया. उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चाहे महिला बिहार की हो या किसी और राज्य की, ऐसा बयान पूरे देश की बेटियों का अपमान है.
बिहार राज्य महिला आयोग ने साहू को नोटिस जारी करने की घोषणा की है. आयोग की अध्यक्ष ने बयान को मानसिक दिवालियापन करार दिया. कांग्रेस महिला मोर्चा और अन्य महिला संगठनों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी. उनका कहना है कि इस तरह की सोच महिला तस्करी, बाल विवाह और शोषण जैसी सामाजिक बुराइयों को बढ़ावा देती है. इस पूरे घटनाक्रम ने महिला सम्मान और राजनीति की जिम्मेदारी पर नई बहस छेड़ दी है.