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UP के क्लर्क ने बीवी, मां और दो बेटों की हत्या के बाद खुद को मारी गोली; मरने से पहले बहन को भेजा ATM पिन

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की गोली लगने के कारण मौत हो गई. इस मामले ने पूरे इलाके में दहस्त फैला दी है.

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Shanu Sharma

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सरसावा थाना क्षेत्र अंतर्गत कौशिक विहार कॉलोनी में मंगलवार सुबह एक ही परिवार के पांच सदस्यों के गोली लगे शव एक बंद कमरे में मिले. यह घटना इलाके में सनसनी फैला देने वाली है.

मृतकों में सिंचाई विभाग में क्लर्क के पद पर तैनात अशोक राठी, उनकी पत्नी अंजिता, वृद्ध मां विद्यावती तथा दो नाबालिग बेटे कार्तिक और देव शामिल हैं. 

पड़ोसी ने पुलिस को दी सूचना 

पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस ने घर में प्रवेश किया और यह भयानक मंजर देखा. सभी शव एक ही कमरे में पड़े थे, जहां से तीन देसी पिस्तौल बरामद हुईं. पुलिस की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि सभी व्यक्तियों को सिर या सीने में पास से गोली मारी गई थी. 

अशोक राठी के शरीर पर सीने और कनपटी में गोली के निशान थे, जबकि अन्य सदस्यों के माथे पर गोली लगी थी. फोरेंसिक टीम ने घर को सील कर मोबाइल फोन, बैलिस्टिक साक्ष्य और अन्य सामग्री जब्त की. जांचकर्ता कमरों के लेआउट का अध्ययन कर घटना के क्रम को समझने का प्रयास कर रहे हैं. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौतों के सटीक क्रम और योजना की पुष्टि होने की उम्मीद है.

आत्महत्या से पहले परिवार को भेजा संदेश

घटना से ठीक पहले अशोक राठी ने अपनी बहन मोहिनी को वॉइस नोट भेजा था, जिसमें उन्होंने कहा कि मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई है और मैं अपनी जान दे रहा हूं. इस वॉइस मैसेज में उन्होंने एटीएम कार्ड का पासवर्ड भी साझा किया था. पुलिस सूत्रों के अनुसार, एक रिश्तेदार को सोशल मीडिया पर भी उन्होंने मैंने बहुत बड़ी गलती की है जैसा मैसेज भेजा था. ये संदेश जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य बन गए हैं और घटना को हत्या के बाद आत्महत्या की दिशा में इंगित करते हैं.

 एसपी सागर जैन ने बताया कि पिछले साल अशोक ने परिवार को नींद की गोलियां देकर मारने की कोशिश की थी, लेकिन परिवार ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई. पड़ोसी परिवार को शांत और सौम्य स्वभाव का बता रहे हैं तथा किसी विवाद की जानकारी नहीं होने की बात कह रहे हैं. परिवार के अन्य सदस्यों ने घटना को लेकर कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराने का फैसला किया और अंतिम संस्कार पैतृक गांव में करने का अनुरोध किया.