उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य के विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार गरीबों, किसानों और युवाओं के लिए लगातार काम कर रही है. वहीं पिछली सरकारों ने विकास को प्राथमिकता नहीं दी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पूर्व सरकारों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में कई बुनियादी सुविधाओं की कमी थी. गरीब परिवारों को राशन समय पर नहीं मिलता था और विकास कार्य भी सीमित थे. उन्होंने सवाल उठाया कि कामाख्या धाम को पहले नगर पंचायत का दर्जा क्यों नहीं दिया गया और वहां की सड़कों का विकास क्यों नहीं हुआ. योगी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने गांवों और कस्बों तक विकास पहुंचाने का काम किया है. उन्होंने यह भी कहा कि अब गरीब परिवारों के घरों में मुफ्त शौचालय बनाए जा रहे हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं. उन्होंने कहा कि पहले युवाओं को रोजगार के लिए भटकना पड़ता था और किसानों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता था. आज प्रदेश में निवेश बढ़ रहा है और नए रोजगार के अवसर तैयार हो रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश के युवाओं को पहचान का संकट नहीं है. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख राज्यों में शामिल हो चुका है और लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है.
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने देश और प्रदेश के ऐतिहासिक नायकों का भी उल्लेख किया. उन्होंने महाराजा सुहेलदेव और महाराजा बिजली पासी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने देश की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. योगी ने कहा कि 1857 के बाद भी युवाओं ने स्वतंत्रता की लड़ाई में हिस्सा लिया और अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष जारी रखा. उन्होंने चौरी-चौरा और काकोरी जैसी ऐतिहासिक घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि देश के युवाओं ने कभी हार नहीं मानी. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का नया उत्तर प्रदेश उसी संघर्ष और विकास की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है.