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शराबी हंगामा करते हैं... LKG के स्टूडेंट्स की PIL पर इलाहाबाद HC का एक्शन, बंद कराई शराब की दुकान

LKG Student PIL Allahabad High Court: कानपुर के 5 साल के बच्चे की ओर से दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया. बच्चे की ओर से याचिका में स्कूल के पास मौजूद शराब की दुकान को हटाने की अपील की गई थी. कोर्ट ने सुनवाई करते हुए स्कूल से 30 मीटर दूर मौजूद शराब की दुकान को हटाने का निर्देश दे दिया.

India Daily Live

LKG Student PIL Allahabad High Court: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एलकेजी में पढ़ने वाले 5 साल के छात्र अर्थव की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया. कहा कि कानपुर के आजाद नगर में अर्थव के स्कूल के पास की शराब की दुकान के लाइसेंस को रिन्यूअल न करें. एलकेजी के छात्र अर्थव की ओर से जनहित याचिका दायर कर स्कूल से 30 मीटर दूर मौजूद शराब की दुकान को बंद करने की अपील की गई थी. छात्र की ओऱ से दायर याचिका में कहा गया था कि स्कूल के पास शराब की दुकान होने से शराबी वहां दिन भर हुड़दंग मचाते हैं, जिससे पढ़ाई बाधित होती है.

याचिका में कहा गया था कि शराब की दुकान पूरे दिन खुली रहती है और शराबी वहां इकट्ठा होकर हंगामा करते हैं. जनहित याचिका को आंशिक रूप से अनुमति देते हुए, चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस विकास की खंडपीठ ने बुधवार को राज्य के एक्साइज अधिकारियों को दुकान को नया लाइसेंस देने से रोक दिया. स्कूल के पास मौजूद शराब की दुकान का लाइसेंस 31 मार्च, 2025 को समाप्त होगा.

स्कूल से कितनी दूरी पर होनी चाहिए शराब की दुकान

जनहित याचिका में नियमों का हवाला देते हुए कहा गया कि शराब की दुकान और किसी भी स्कूल, सार्वजनिक पूजा स्थल, अस्पताल या फिर रेसिडेंशियल कॉलोनी के बीच न्यूनतम दूरी 50 मीटर होनी चाहिए. यदि दुकान पहले से है और बाद में स्कूल, सार्वजनिक पूजा स्थल, अस्पताल या फिर रेसिडेंशियल कॉलोनी बनाई जाती है, तो ये नियम लागू नहीं होते हैं.

राज्य सरकार की ओऱ से नियमों का हवाला देते हुए कहा गया कि जिस दुकान के खिलाफ याचिका दायर की गई है, वो 30 साल से अधिक पुरानी है और स्कूल 2019 में बनाया गया था, इसलिए नियमों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है. हालांकि, याचिकाकर्ता के वकील आशुतोष शर्मा ने दलील दी कि यदि किसी स्कूल के पास कोई शराब की दुकान है, तो फिर चालू वित्तीय वर्ष के दौरान दुकान बंद नहीं होनी चाहिए, लेकिन दुकान का लाइसेंस खत्म होने के बाद कोई नया लाइसेंस नहीं जारी किया जाना चाहिए या लाइसेंस को रिन्यू नहीं किया जाना चाहिए. 

बच्चे ने याचिका में बताया है कि वो कानपुर नगर के आजाद नगर स्थित एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई करता है. बच्चे की ओर से याचिका में कहा गया कि उसके स्कूल के पास ही शराब की दुकान है. स्कूल के पास शराब की दुकान के होने से अक्सर वहां लोगों की भीड़ होती है और लोग शराब पीकर हंगामा करते रहते हैं. अथर्व के परिजन के मुताबिक, उनका बच्चा हमेशा भीड़ और शराबियों के हुड़दंग के कारण स्कूल जाने से डरता है. उन्होंने कहा कि हम लोगों ने अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.