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पांच साल पहले 14 साल की मासूम के साथ क्या हुआ था? घर के पीछे थी दफन, खूनी निकली मां

पीड़िता का शव बरामद करने के बाद पुलिस ने लड़की की मां से सख्ती से पूछताछ की, जहां उसने अपनी बेटी के चरित्र पर संदेह के चलते उसकी हत्या करने और अपराध छिपाने के लिए शव को दफनाने की बात कबूल की. ​​बाद में पोस्टमार्टम में भी मौत का कारण हत्या ही होने की पुष्टि हुई. जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ा, पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया. अभियोजन पक्ष के वकील ने कहा, 'मां को अपनी नाबालिग बेटी के चरित्र पर संदेह था, जिसके कारण यह दुखद घटना हुई.'

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Edited By: Reepu Kumari
पांच साल पहले 14 साल की मासूम के साथ क्या हुआ था? घर के पीछे थी दफन, खूनी निकली मां
Courtesy: Pinterest

UP Murder Case: चरित्र पर संदेह होने पर यूपी की महिला ने अपनी नाबालिग बेटी की हत्या कर शव को घर के पीछे ही दफना दिया. उत्तर प्रदेश की एक अदालत ने एक महिला को चरित्र संदेह के चलते अपनी 14 वर्षीय बेटी की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. लड़की के लापता होने के बाद उसका शव उनके घर के पिछवाड़े में दफन पाया गया था. उत्तर प्रदेश की एक अदालत ने चरित्र पर संदेह के चलते अपनी 14 वर्षीय बेटी की हत्या करने की दोषी महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही अदालत ने दोषी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

यह अपराध अप्रैल 2020 में तब सामने आया जब एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी 14 वर्षीय चचेरी बहन कई दिनों से लापता है. उसने बताया कि लड़की का पिता, जो गांव के बाहर काम करता है, उसे भी उसके ठिकाने के बारे में पता नहीं था. गहन जांच के बाद, पुलिस ने 4 मई 2020 को लड़की के शव को बरामद किया, जिसे उसके ही घर के पिछवाड़े में दफनाया गया था. मजिस्ट्रेट की निगरानी में शव को निकाला गया.

मां निकली असली अपराधी 

पीड़िता का शव बरामद करने के बाद पुलिस ने लड़की की मां से सख्ती से पूछताछ की, जहां उसने अपनी बेटी के चरित्र पर संदेह के चलते उसकी हत्या करने और अपराध छिपाने के लिए शव को दफनाने की बात कबूल की. ​​बाद में पोस्टमार्टम में भी मौत का कारण हत्या ही होने की पुष्टि हुई.

जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ा, पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया. अभियोजन पक्ष के वकील ने कहा, 'मां को अपनी नाबालिग बेटी के चरित्र पर संदेह था, जिसके कारण यह दुखद घटना हुई.'

लंबे समय तक चले इस मुकदमे में तीन जजों ने मामले की सुनवाई की, 50 से ज्यादा सुनवाई हुई और अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए. घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही दोषी मां हिरासत में है.