menu-icon
India Daily

देश में नया आतंकी संगठन बनाने की तैयारी में ISI, सोशल मीडिया से फैल रहा था जाल; यूपी ATS के खुलासे से मचा हड़कंप

यूपी ATS ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसमें ISI के कनेक्शन और देश में नया संगठन खड़ा करने की साजिश सामने आई है. लखनऊ और दिल्ली संभावित निशाने बताए जा रहे हैं.

babli
Edited By: Babli Rautela
देश में नया आतंकी संगठन बनाने की तैयारी में ISI, सोशल मीडिया से फैल रहा था जाल; यूपी ATS के खुलासे से मचा हड़कंप
Courtesy: AI

देश की सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है, जिसने जांच एजेंसियों को अलर्ट मोड में ला दिया है. यूपी में हुई कार्रवाई के बाद जिस तरह की जानकारी सामने आई है, वह सिर्फ एक स्थानीय मामला नहीं बल्कि एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करती है. बताया जा रहा है कि इस पूरे मॉड्यूल के जरिए युवाओं को जोड़ने, उन्हें प्रभावित करने और बड़े हमलों की योजना तैयार करने का काम चल रहा था. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस साजिश के तार विदेशी खुफिया एजेंसी से जुड़े बताए जा रहे हैं.

जांच एजेंसियों के अनुसार इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस भारत में तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान की तर्ज पर तहरीक ए तालिबान हिंदुस्तान नाम से एक संगठन खड़ा करने की तैयारी में थी. सूत्रों का दावा है कि इस संगठन के जरिए टारगेटेड किलिंग, चर्चित लोगों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की योजना थी.

लखनऊ और दिल्ली थे निशाने पर

जांच में सामने आया है कि लखनऊ और दिल्ली के कुछ संवेदनशील ठिकानों को संभावित टारगेट के रूप में चिन्हित किया गया था. बताया जा रहा है कि संघ से जुड़े कार्यालय भी इस साजिश के दायरे में हो सकते थे. इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं.

इस पूरे नेटवर्क में मेरठ निवासी तुषार उर्फ हिज्बुल्लाह को अहम कड़ी माना जा रहा है. जांच में सामने आया कि उसने धर्मांतरण किया था और पिछले कुछ वर्षों से इस नेटवर्क के संपर्क में था. एजेंसियों का कहना है कि युवाओं को जोड़ने के लिए धर्मांतरण को एक रणनीति के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था.

डिजिटल सबूतों से खुली परतें

तुषार के मोबाइल फोन से कई अहम सुराग मिलने का दावा किया गया है. इनमें संदिग्ध बातचीत, लेन देन से जुड़े संकेत, हथियारों पर चर्चा और कुछ वीडियो व ऑडियो क्लिप शामिल बताए जा रहे हैं. इससे यह साफ होता है कि यह नेटवर्क सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है. यूपी ATS ने तुषार और समीर खान को नोएडा से गिरफ्तार किया है. दोनों को अदालत में पेश करने के बाद 30 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. एजेंसियां अब इनके अन्य संपर्कों और फंडिंग नेटवर्क की जांच कर रही हैं.

तुषार के परिवार ने बताया कि वह कुछ समय से मानसिक तनाव और अकेलेपन से गुजर रहा था. परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि अगर आरोप सही साबित होते हैं तो सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.