बंगाल चुनाव में TMC की हार के बाद अखिलेश यादव ने I-PEC से नाता तोड़ा, बताई ये वजह

पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम के बाद समाजवादी पार्टी ने आईपैक से करार खत्म कर दिया है. अखिलेश यादव ने कहा कि फंड की कमी के चलते साथ काम जारी रखना संभव नहीं था.

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Dhiraj Kumar Dhillon

 

उत्तर प्रदेश से बड़ी खबर है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के चुनावी कैंपेन का जिम्मा संभालने वाली कंपनी I-PEC से समाजवादी पार्टी ने अपना नाता तोड़ लिया है. अखिलेश यादव ने कहा है कि हम फंड की कमी के चलते आईपैक से करार खत्म कर चुके हैं. बंगाल चुनाव के नतीजे आने के बाद अखिलेश यादव के इस फैसले को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं गर्म हैं. अखिलेश यादव के इस कदम को एक तरह से ममता बनर्जी से दूरी बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि इस दौरान अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि बंगाल चुनाव की सीसीटीवी फुटेज पूरे देश के सामने लाई जाए.

अखिलेश यादव ने करार तोड़ने की पुष्टि की

बुधवार को अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेसवार्ता के दौरान आईपैक के साथ करार खत्म कर देने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा ‌कि अब आईपैक समाजवादी पार्टी के ल‌िए काम नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि हमने कुछ समय तक साथ में काम किया लेकिन हमारे पास इतना फंड नहीं है कि इसे जारी रखें. 

TMC से प्रेरित होकर दिया था कैंपेन का जिम्मा

बता दें कि पश्चिम बंगाल में आईपैक ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का चुनावी कैंपेन संभाल रही थी. समाजवादी पार्टी ने भी 2027 में होने वाली यूपी विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी आईपैक को सौंपी थी. अखिलेश यादव और ममता बनर्जी के बीच अच्छे संबंधों को इसकी वजह माना गया था, लेकिन दीदी के चुनाव हारते ही अखिलेश यादव ने उनके लिए काम करने वाली कसंलटेंट कंपनी से किनारा कर सियासी गलियारों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है.

I-PEC तमिलनाडु में भी कर चुकी है काम

I-PEC इससे पहले भी कई बड़े चुनावों में अहम भूमिका निभा चुकी है। 2021 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में डीएमके और टीएमसी की जीत में इसी कंपनी की रणनीति को काफी प्रभावी माना गया था। पिछले दिनों समाजवादी पार्टी ने यूपी असेंबली इलेक्शन 2027 के लिए रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी आईपैक को सौंपी थी.