T20 World Cup 2026

UP Minister Warning: 'परिणाम भयंकर होंगे...', बिजली अधिकारी पर भड़के यूपी के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा, ऑडियो शेयर कर जताया गुस्सा

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बिजली विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए सोशल मीडिया पर अफसर की एक ऑडियो क्लिप साझा की. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अधिकारियों का व्यवहार नहीं सुधरा तो परिणाम गंभीर होंगे. एक वरिष्ठ सांसद ने यह ऑडियो उन्हें भेजकर कार्रवाई की मांग की थी.

Social Media
Km Jaya

UP Minister Warning: उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा एक बार फिर अपने ही विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर सख्त नजर आए. शनिवार को उन्होंने बिजली विभाग की लापरवाही, असंवेदनशीलता और जवाबदेही के अभाव को लेकर सार्वजनिक रूप से तीखी प्रतिक्रिया दी. मंत्री ने न केवल एक्स पर विभागीय लापरवाही की निंदा की, बल्कि एक वरिष्ठ अधिकारी और उपभोक्ता के बीच हुई बातचीत की ऑडियो क्लिप भी साझा की, जिसमें अफसर का असंवेदनशील व्यवहार साफ सुना जा सकता है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ऊर्जा मंत्री ने बताया कि यह ऑडियो उन्हें एक वरिष्ठ सांसद ने भेजा है, जो कई बार लोकसभा सदस्य रह चुके हैं. उन्होंने इस बातचीत को उदाहरण बताते हुए कहा कि जनता की शिकायतें सुनने और उसका समाधान करने के प्रति अधिकारियों में गंभीरता की भारी कमी है.

आडियो क्लिप हुआ वायरल

 

 

जनता की समस्याओं का हल 

पोस्ट में मंत्री शर्मा ने लिखा, “मैंने तीन दिन पहले ही UPPCL के चेयरमैन, एमडी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा था कि तकनीकी व्यवस्थाएं जैसे 1912 हेल्पलाइन, केवल सहायक हो सकती हैं, विकल्प नहीं. यदि मानवीय संपर्क नहीं रहेगा, तो जनता की समस्याओं का हल नहीं निकलेगा.”

अधिकारियों के व्यवहार को बताया जनविरोधी

उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए यह भी कहा कि विभागीय अधिकारी अब उपभोक्ताओं के फोन तक नहीं उठा रहे. "तितलौकी तो थी ही, अब नीम पर चढ़ गई," कहते हुए उन्होंने अधिकारियों के व्यवहार को अहंकारी और जनविरोधी बताया. शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने विभागीय बैठकों में उन्हें झूठी जानकारी दी. एके शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा, "यदि अब भी सुधार नहीं हुआ, तो परिणाम भयंकर होंगे. अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी समझें और जनता से शालीनता से बात करें."

वॉट्सऐप मैसेज किया सार्वजनिक 

ऊर्जा मंत्री ने वह वॉट्सऐप मैसेज भी सार्वजनिक किया जो उन्हें एक वरिष्ठ नेता ने भेजा था. उसमें लिखा था कि बस्ती जिले के एक मोहल्ले में सुबह 10 बजे से बिजली नहीं थी, और रात 8 बजे तक कोई अधिकारी फोन नहीं उठा रहा था. जब अधीक्षण अभियंता से संपर्क हुआ, तो उन्होंने असभ्य और उपेक्षापूर्ण तरीके से बात की.

विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी उजागर किया है कि सरकार के भीतर ही जवाबदेही की मांग कितनी सख्त होती जा रही है. अब देखना होगा कि ऊर्जा मंत्री की इस सख्ती से विभाग में कोई ठोस बदलाव आता है या नहीं.