खुद नहीं मरी बेटे के सामने निक्की को थिनर डालकर जलाया, चार्जशीट में खुलीं हत्याकांड की परतें

ग्रेटर नोएडा में 23 वर्षीय निक्की भाटी की हत्या मामले में पुलिस जांच लगातार नए तथ्य उजागर कर रही है. परिवार ने पति गौरव पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस तकनीकी साक्ष्य और बयान के आधार पर सुराग जोड़ रही है.

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Kuldeep Sharma

ग्रेटर नोएडा के इस बहुचर्चित मामले ने पूरे देश का ध्यान खींच लिया है, जहां 23 वर्षीय निक्की भाटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हत्या की आशंका गहराती जा रही है. 

पुलिस ने शुरुआती जांच में पाया कि घर में मौजूद कई महत्वपूर्ण सुराग घटना से पहले और बाद की गतिविधियों की ओर संकेत कर रहे हैं. परिवार लगातार पति गौरव पर निक्की की हत्या का आरोप लगा रहा है, जबकि पुलिस डिजिटल डिवाइस, कॉल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज को जांच का आधार बनाकर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.

घटना वाली रात से जुड़े विवादित तथ्य

पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना वाली रात निक्की और गौरव के बीच झगड़ा हुआ था, जो देर रात तक चला. परिवार के अनुसार, निक्की ने अपनी मां को कॉल कर तनाव की जानकारी दी थी. वहीं पुलिस को मिले प्राथमिक सुराग बताते हैं कि घर में मारपीट के निशान मौजूद थे. फोरेंसिक टीम ने कमरे से कई नमूने जुटाए हैं, जो मौत के कारणों को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

परिवार के आरोपों ने बढ़ाई जांच की दिशा

निक्की की मां ने आरोप लगाया है कि शादी से पहले ही गौरव का व्यवहार अनियंत्रित और हिंसक था. परिवार का दावा है कि निक्की कई बार घर लौटना चाहती थी, लेकिन समझौते के दबाव में रुकती रही. परिजनों ने कहा कि गौरव का गुस्सा अक्सर बेहद खतरनाक हो जाता था. इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने गौरव से लंबी पूछताछ की है और उसकी गतिविधियों, मोबाइल लोकेशन व बैंक लेनदेन की जांच तेज कर दी है.

डिजिटल सबूतों से खुल रही नई परतें

पुलिस ने निक्की और गौरव के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया चैट, गूगल हिस्ट्री और कॉल रिकॉर्ड्स का डेटा रिकवर किया है. शुरुआती तकनीकी विश्लेषण में पता चला कि दोनों के बीच पिछले कुछ महीनों में कई बार विवाद हुआ था. घटना से पहले भी गौरव ने कुछ कॉल डिलीट किए थे, जिनकी पुनर्प्राप्ति की प्रक्रिया जारी है. पुलिस का मानना है कि डिजिटल डिवाइस इस केस में निर्णायक भूमिका निभाएंगे.

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मिले अहम संकेत

पोस्टमॉर्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आया है कि निक्की के शरीर पर चोटों के निशान पाए गए. पुलिस इसे किसी संभावित हमले का संकेत मानकर आगे जांच कर रही है. हालांकि अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे चोटों का समय, कारण और वास्तविक चोट-क्रम का पता चलेगा. मेडिकल टीम इस केस के सभी पहलुओं को गंभीरता से परख रही है ताकि मौत के असली कारणों पर संदेह न रहे.

पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच की दिशा

ग्रेटर नोएडा पुलिस ने केस को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखते हुए विशेष टीम बनाई है, जो फोरेंसिक, डिजिटल और सर्कम्सटांशियल एविडेंस को एक साथ मिलाकर जांच कर रही है. गौरव की गिरफ्तारी पर पुलिस ने कहा कि तकनीकी प्रमाण और वैज्ञानिक जांच पूरी होते ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. इस बीच, परिवार ने निक्की को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की अपील की है.