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'तुम्हारी मां वापस नहीं लौटेगी', 8 महीने से गायब थी कानपुर की महिला; धरती खोद कर सामने आया प्रेमी का खौफनाक कांड

कानपुर में देर रात की खुदाई के दौरान पुलिस को एक दबा हुआ कंकाल मिला, जिससे महीनों के संदेह के बाद एक महिला की उसके प्रेमी द्वारा कथित हत्या का खुलासा हुआएक्टिव

Gemini
Reepu Kumari

कानपुर के टिकवापुर गांव की मिट्टी के नीचे दबा एक खौफनाक राज बुधवार देर रात सामने आते ही तहलका मचा दिया. इसका खुलासा तब हुआ जब पुलिस अधिकारी और स्थानीय कर्मचारी गाड़ियों की हेडलाइट और मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में गांव के टावर के पास खुदाई करने लगे.

रात करीब 11 बजे खुदाई में सात फीट नीचे दबे कंकाल के अवशेष मिले, जिससे जुनून, विश्वासघात और हत्या की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी का खुलासा हुआ, जो लगभग दस महीनों से छिपी हुई थी.

कंकाल की पहचान सात बच्चों की लापता मां के रूप में हुई

पुलिस ने बाद में पुष्टि की कि कंकाल रेशमा का था, जो 45 वर्षीय महिला और सात बच्चों की मां थी और कई महीनों से लापता थी. जांचकर्ताओं का आरोप है कि उसकी हत्या उसके प्रेमी गोरेलाल ने की थी, जो उसका पड़ोसी था और जिसके साथ वह अपने पति की मृत्यु के बाद रह रही थी.

'तुम्हारी मां वापस नहीं आएगी'

रेशमा का बेटा बबलू, जो उसकी तलाश कर रहा था, बार-बार गोरेलाल से उसके बारे में पूछता रहा. पुलिस के मुताबिक, गोरेलाल ने गोलमोल जवाब दिया: 'तुम्हारी मां वापस नहीं आएगी,' जैसा कि एनडीवाईवी ने बताया है. शुरू में बबलू ने इस बात को एक मज़ाक समझकर टाल दिया, लेकिन गोरेलाल के बार-बार टालमटोल करने से उसका शक और बढ़ गया. 29 दिसंबर को बबलू ने गुमशुदा व्यक्ति की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने गोरेलाल को हिरासत में ले लिया. बाद में उसे हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया.

शादी के निमंत्रण ने खतरे की घंटी बजा दी

रेशमा के पति रामबाबू सांखवाड़ का तीन साल पहले निधन हो गया था. उनकी मृत्यु के बाद, रेशमा गोरेलाल के साथ रहने लगीं, जिसका उनके बच्चों ने कड़ा विरोध किया. समय के साथ, परिवार ने रेशमा से संपर्क तोड़ दिया.

रिश्तों में तनाव के बावजूद, बबलू ने 29 नवंबर को अपनी मां को पारिवारिक शादी का निमंत्रण भेजा. जब वह न तो शादी में आईं और न ही कोई जवाब दिया, तो उसकी चिंता और बढ़ गई. वह जवाब जानने के लिए गोरेलाल के घर गया, लेकिन उसे फिर से बिना कोई स्पष्टीकरण दिए यही कहा गया, "तुम्हारी मां वापस नहीं आएंगी." बढ़ती बेचैनी को नजरअंदाज न कर पाने पर बबलू ने पुलिस से संपर्क किया और खबरों के अनुसार, जांच शुरू कर दी.

कबूलनामा

पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान, गोरेलाल ने कथित तौर पर अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने पुलिस को बताया कि रेशमा के साथ अक्सर होने वाले झगड़े पिछले साल अप्रैल में बढ़ गए. जांचकर्ताओं के अनुसार, गोरेलाल चाहता था कि रेशमा उसे छोड़कर रिश्तेदारों के पास चली जाए, लेकिन उसने इनकार कर दिया. तीखी बहस के दौरान, उसने कथित तौर पर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी.

दो दिन तक अपने घर में रखा

पुलिस ने बताया कि गोरेलाल ने शव को दो दिन तक अपने घर में रखा और यह तय करने में असमंजस में था कि उसका अंतिम संस्कार कैसे किया जाए. उसने पहले तो शव को नहर में फेंकने का विचार किया, लेकिन उसे डर था कि वह सतह पर आ सकता है. अंततः उसने शव को गांव के एक सुनसान इलाके में दफना दिया.

उसके खुलासे के आधार पर, पुलिस ने देर रात खुदाई की जिससे कंकाल के अवशेष बरामद हुए. हड्डियों को पहचान स्थापित करने और घटनाक्रम की पुष्टि करने के लिए फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है.