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UP पुलिस ने निभाया भाई का फर्ज! लुटेरों से डरे दूल्हे ने छोड़ी थी शादी, अब वर्दीवालों ने धूमधाम से ऐसे रचाया बेटी का ब्याह

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक ऐसी शादी हुई जिसने पूरे प्रदेश का दिल जीत लिया. ये सिर्फ एक आम शादी नहीं थी, बल्कि इसमें यूपी पुलिस, STF और महिला आयोग ने ऐसा साथ निभाया कि हर कोई तारीफ किए बिना नहीं रह पाया. 

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Princy Sharma

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक ऐसी शादी हुई जिसने पूरे प्रदेश का दिल जीत लिया. ये सिर्फ एक आम शादी नहीं थी, बल्कि इसमें यूपी पुलिस, STF और महिला आयोग ने ऐसा साथ निभाया कि हर कोई तारीफ किए बिना नहीं रह पाया. 

गोंडा के धन्नीपुरवा गांव में रहने वाली उदय कुमारी की शादी 5 मई को तय थी, लेकिन उससे पहले 24 अप्रैल को बदमाशों ने दहेज और सामान लूटने के दौरान उदय के छोटे भाई शिवदीन (22 वर्ष) की गोली मारकर हत्या कर दी. पिता पहले ही दुनिया छोड़ चुके थे और भाई की मौत के बाद घर में शादी की खुशियां मातम में बदल गईं.

'अब इस बेटी की शादी...'

दूल्हे पक्ष ने भी बदमाशों के डर से शादी से इनकार कर दिया. ऐसे में उदय की मां शकुंतला पूरी तरह टूट गईं. लेकिन तभी यूपी पुलिस ने एक अभूतपूर्व फैसला लिया कहा कि, 'अब इस बेटी की शादी हम कराएंगे.' जब गोंडा के अधिकारियों को घटना की जानकारी हुई, तो SP विनीत जायसवाल, STF CO डीके शाही और महिला आयोग की सदस्य ऋतु शाही ने मिलकर उदय कुमारी की शादी धूमधाम से कराने का जिम्मा उठाया.

गुरुवार को जब बारात पहुंची, तो खुद SP, STF, ASP और थाना प्रभारी पगड़ी पहनकर बारात का स्वागत करने खड़े थे. उमरी बेगमगंज के CO और थानेदार ने तो दुल्हन के भाई का फर्ज निभाया और स्टेज तक उदय को लेकर गए.

मां की आंखें हुईं नम

उदय की मां शकुंतला देवी भावुक होकर बोलीं, 'मुझे कभी नहीं लगा था कि मेरी बेटी की शादी इतने बड़े-बड़े अफसरों के बीच होगी सबने बेटी बनाकर साथ दिया है. ये सब जुग-जुग जिएं.' शादी में अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने खूब गिफ्ट भी दिए कैश, गृहस्थी का सामान, सोने-चांदी के जेवर और हर वो चीज जो एक नई दुल्हन को चाहिए.

बदमाशों का हुआ सफाया

पुलिस को जांच-पड़ताल में पता चला है कि डकैती करने वाले बदमाश सोनू पासी गैंग से जुड़े हुए थे. 20 मई को मुठभेड़ में 1 लाख के इनामी सोनू पासी उर्फ भुर्रे को ढेर किया गया. 22 मई को गैंग लीडर ज्ञानचंद्र पासी को भी STF ने मारा. बाकी बदमाशों को या तो पकड़ लिया गया या उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया. इन बदमाशों पर हत्या, लूट, डकैती जैसे दर्जनों मुकदमे दर्ज थे और ये कुख्यात पासी गैंग से जुड़े थे.