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CRPF जवान ने पत्नी के साथ मिलकर की 10 साल की बच्ची के साथ हैवानियत, नाखून नोचे-पसलियां तोड़ी, वेंटिलेटर पर जिंदगी-मौत से लड़ रही जंग

ग्रेटर नोएडा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पर CRPF जवान और उसकी पत्नी ने मिलकर 10 साल की बच्ची के साथ हैवानियत की. बच्ची इस समय हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही है.

Grok AI
Praveen Kumar Mishra

ग्रेटर नोएडा पुलिस ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक कांस्टेबल और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उन्होंने अपने सरकारी आवास में 10 साल की बच्ची के साथ बेरहमी से मारपीट और उपेक्षा की. बच्ची इस समय नोएडा के एक प्राइवेट अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर है और उसकी जान खतरे में है.

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी कांस्टेबल को तारिक अनवर और उनकी पत्नी को रिंपा खातून के रूप में पहचाना है. तारिक अनवर सीआरपीएफ के 235वें बटालियन में तैनात हैं. जानकारी के अनुसार बच्ची रिंपा खातून की रिश्तेदार बताई गई है.

बच्ची के साथ हुए अपराध

जांच में सामने आया कि आरोपी दंपति ने बच्ची को बिना किसी आधिकारिक अनुमति के अपने आवास में रखा और घरेलू काम करने के लिए मजबूर किया. बच्ची को लंबे समय तक पीटा गया और उसे पर्याप्त खाना और चिकित्सा सुविधाएं नहीं दी गईं. रिपोर्ट्स के अनुसार 14 और 15 जनवरी की रात बच्ची के साथ बेहद हिंसक व्यवहार किया गया, जिससे उसके सिर, छाती और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं.

अस्पताल में स्थिति

पहले बच्ची को बिसरख के सर्वोदया अस्पताल लाया गया, जहां उसका सेमी-सचेत अवस्था में इलाज हुआ. डॉक्टरों ने उसके शरीर पर पुराने और नए कई घाव पाए, जैसे टूटी हुई पसलियां, फटे हुए नाखून, आंखों के आसपास सूजन और शरीर पर निशान. मेडिकल टेस्ट में बच्ची का हीमोग्लोबिन स्तर केवल 1.9 पाया गया, जो लंबे समय से उपेक्षा और कुपोषण का संकेत है.

अस्पताल से अवैध बाहर ले जाने का मामला

डॉक्टरों ने इंटेंसिव केयर की सलाह दी थी लेकिन आरोपी दंपति ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए बच्ची को अस्पताल से निकाल लिया. बाद में उसे नोएडा के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह वेंटिलेटर पर है.

मामला कैसे सामने आया

यह मामला तब उजागर हुआ जब सीआरपीएफ के एक सहायक कमांडेंट ने पुलिस और जिला बाल कल्याण समिति को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने और बाल श्रम, तस्करी और गंभीर शारीरिक शोषण के तहत कार्रवाई की मांग की. 

इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 110 (हत्या के प्रयास का आरोप) के तहत मामला दर्ज किया. पुलिस गिरफ्तारी के बाद सीआरपीएफ ने कांस्टेबल को निलंबित कर दिया और विभागीय जांच का आदेश दिया.