योगी सरकार की नीतियों से पर्यटकों की संख्या में आया रिकॉर्ड उछाल, मथुरा-वृंदावन बना देश का नया आध्यात्मिक पर्यटन हॉटस्पॉट

योगी सरकार की पर्यटन नीतियों और बेहतर बुनियादी ढांचे से ब्रज क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है. मथुरा-वृंदावन अब वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है.

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Kuldeep Sharma

मथुरा: योगी आदित्यनाथ सरकार की प्रभावी पर्यटन नीतियों का असर अब ब्रज क्षेत्र में साफ दिखाई देने लगा है. मथुरा-वृंदावन सहित पूरे ब्रज में आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार ने पर्यटन को नई दिशा दी है. 

बेहतर कनेक्टिविटी, सुरक्षा और सुविधाओं के कारण देश-विदेश से श्रद्धालु बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं. इसका सकारात्मक प्रभाव न केवल पर्यटन पर पड़ा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.

आवागमन हुआ आसान, बदला ब्रज का स्वरूप

ब्रज क्षेत्र को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने के लिए योगी सरकार ने सड़क, रेल और एक्सप्रेस-वे नेटवर्क को मजबूत किया है. यमुना एक्सप्रेस-वे, चौड़ी सड़कों और रेलवे सुविधाओं के विस्तार से दिल्ली, आगरा और लखनऊ जैसे शहरों से मथुरा-वृंदावन पहुंचना अब पहले से कहीं अधिक सुगम हो गया है. इससे श्रद्धालुओं का समय और खर्च दोनों कम हुए हैं.

पर्यटकों की संख्या में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

पर्यटन विभाग के आंकड़े सरकार की नीतियों की सफलता की गवाही देते हैं. वर्ष 2023 में जहां लगभग 7.79 करोड़ पर्यटक ब्रज पहुंचे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 9 करोड़ से अधिक हो गई. 2025 में भी सितंबर तक 7.20 करोड़ से ज्यादा पर्यटक दर्ज किए गए. यह वृद्धि दर्शाती है कि ब्रज में पर्यटन को लेकर भरोसा मजबूत हुआ है.

वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र बनाने की तैयारी

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ब्रज को विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना है. धार्मिक आयोजनों को भव्य स्वरूप देना, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और सुविधाओं का निरंतर विस्तार इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं. इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर मिल रहे हैं.

श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि

प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृत अभिजात ने बताया कि पर्यटकों के लिए हेल्प डेस्क, गाइड सेवाएं और डिजिटल सूचना केंद्र बढ़ाए गए हैं. ब्रज को अयोध्या-काशी-प्रयागराज मॉडल पर विकसित करने की योजना है. ग्रामीण क्षेत्रों को पर्यटन से जोड़कर एक्सपीरियंसल टूरिज्म और महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है.

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिली नई मजबूती

पर्यटन के बढ़ते कदमों से होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को बड़ा लाभ मिला है. हजारों परिवारों की आय में वृद्धि हुई है. सरकार का लक्ष्य है कि मथुरा-वृंदावन आने वाले पर्यटक एक दिन की बजाय एक सप्ताह तक ब्रज में ठहरें और यहां की संस्कृति व ग्रामीण जीवन को करीब से जानें.