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'चोर-चोर मौसेरे भाई जैसे हैं,' सुल्तानपुर एनकाउंटर को लेकर BJP-सपा पर ये क्या कह गईं मायावती?

Sultanpur Encounter: सुल्तानपुर एनकाउंटर को लेकर यूपी पुलिस सवालों के घेरे में है. विपक्ष का कहना है कि यूपी में फेक एनकाउंटर किए जा रहे हैं, जिसकी वजह से पुलिस की छवि धूमिल हो रही है. सपा नेता अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि सिर्फ जाति देखकर लोगों को गोली मारी जा रही है. सुल्तानपुर में जिस आरोपी के एनकाउंटर पर हंगामा हो रहा है, उसके खिलाफ गंभीर आरोप के कई केस दर्ज थे.

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उत्तर प्रदेश पुलिस ने सुल्तानपुर ज्वेलरी शॉप में लूट-पाट करने वाले एक बदमाश को एक एनकाउंटर में 5 सितंबर को ढेर कर दिया था. उसके खिलाफ कई थानों में आपराधिक मामले दर्ज थे. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एनकाउंट को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे. उन्होंने योगी आदित्यनाथ सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा था कि पुलिस, जाति देखकर लोगों को गोली मार रही है. बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने एनकाउंटर को लेकर सपा और बसपा, दोनों को घेरा है. 

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'बीजेपी की तरह सपा सरकार में भी तो कई गुणा ज्यादा कानून-व्यवस्था का बुरा हाल था. दलितों, अन्य पिछडे़ वर्गों, गरीबों और व्यापारियों आदि को सपा के गुंडे, माफिया दिन-दहाड़े लूटते व मारते-पीटते थे. ये सब लोग भूले नहीं हैं.'

'सपा-बीजेपी चोर-चोर मौसेरे भाई'

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर, एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं. उन्होंने लिखा, 'यूपी के सुलतानपुर जिले में एनकाउंटर की घटना के बाद से बीजेपी व सपा में कानून-व्यवस्था को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगाये जा रहे हैं. अपराध, अपराधी और जाति के नाम पर जबरदस्ती की राजनीति की जा रही है, जबकि इस मामले में ये दोनों चोर-चोर मौसेरे भाई जैसे हैं.'

'मेरा शासनकाल ही कानून का राज'

मायावती ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'उत्तर प्रदेश में वास्तव में का नून द्वारा कानून का राज, बीएसपी के शासन में ही रहा है. जाति व धर्म के भेदभाव के बिना लोगों को न्याय दिया गया. कोई फर्जी एनकाउन्टर आदि भी नहीं हुए. अतः बीजेपी व सपा के कानूनी राज के नाटक से सभी सजग रहें.'

सुल्तानपुर एनकाउंट पर अखिलेश यादव ने कहा क्या था?

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सुल्तानपुर एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए कहा था, 'दो दिन पहले जिसको उठाया और एनकाउंटर के नाम पर बंदूक सटाकर गोली मारकर हत्या की गई. अब उसकी मेडिकल रिपोर्ट बदलवाने का दबाव डाला जा रहा है. इस संगीन शासनीय अपराध का सर्वोच्च न्यायालय तुरंत संज्ञान ले, इससे पहले की सबूत मिटा दिए जाएं.'

सुल्तानपुर में हुआ क्या था?

सुल्तानपुर कोतवाली से महज 500 मीटर दूरी पर मेजरगंज इलाके में सोनारमंडी बनी हुई है. यहां के भरतजी सर्राफ की दुकान पर ही कुछ बदमाशों ने 4 सितंबर को लूट मचाई थी. दोपहर 12 बजे के करीब जब दुकान मालिक ग्राहकों को जेवर दिखा रहा था, तभी एक नकाबपोश बदमाश आया और दुकानदार पर बंदूक तान दी. 2-3 की संख्या में बदमाश आए और लूट मचाने लगे. उन्होंने 4 मिनट में करोड़ों की लूट की और फरार हो गए.