जोधपुर की एक तीन मंज़िला इमारत से गिरे युवक की चमत्कारिक तरीके से जान बचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यह घटना 9 सितंबर को शाम करीब 5:50 बजे हुई. नज़ीर नाम का यह युवक बालकनी में खड़ा होकर कपड़ों का बंडल देख रहा था कि अचानक संतुलन बिगड़ गया और वह पीछे की ओर जा गिरा. हादसा कुछ ही सेकंड में घटित हो गया और वहां मौजूद लोग घबरा गए. लेकिन किस्मत से नीचे खड़ी एक स्कूटी ने उसकी जान बचा ली.
CCTV फुटेज में साफ दिखाई देता है कि नज़ीर हाथ में पानी की बोतल लिए हुए बालकनी में पीछे की ओर चल रहे थे. उन्हें लगा कि पीछे दीवार या कोई सहारा होगा, लेकिन अचानक उनका पैर फिसल गया और वे संतुलन खो बैठे. देखते ही देखते वह नीची दीवार पार करते हुए नीचे जा गिरे. यह सब महज 10 सेकंड के भीतर हो गया. हादसा इतना अचानक था कि साथ में मौजूद लोग भी समझ नहीं पाए कि क्या हो गया.
अगर सड़क पर खड़ी स्कूटी न होती, तो शायद यह हादसा नज़ीर की जिंदगी छीन लेता. नज़ीर सीधे स्कूटी पर गिरे, जिससे टक्कर का जोर कम हो गया और सिर या रीढ़ की हड्डी जैसी गंभीर चोटों से वे बच निकले. हालांकि उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने बताया कि हालत स्थिर है और समय पर इलाज मिलने से खतरे से बाहर हैं.
Jodhpur, Rajasthan ‼️
— Deadly Kalesh (@Deadlykalesh) September 18, 2025
A cloth merchant fell from the 3rd floor.
The entire incident was caught on CCTV. pic.twitter.com/MsXs8UqdlE
गिरते ही सड़क पर मौजूद दो लोग तुरंत दौड़कर उनकी मदद के लिए पहुंचे. CCTV फुटेज में देखा जा सकता है कि हादसे के बाद तेज आवाज गूंजी और उसी समय पास खड़ा एक शख्स तुरंत बालकनी की ओर भागा. नीचे लोग नज़ीर को उठाने लगे और अस्पताल पहुंचाया. इस पूरे घटनाक्रम से वहां कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया.
वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई. कई यूजर्स ने सवाल किया कि आखिर ऐसी इमारतें कैसे बनाई जाती हैं, जिनकी बालकनी में न तो मजबूत ग्रिल होती है और न ही ऊंची दीवार. एक यूजर ने लिखा, 'ऐसे बिल्डर को जेल में डाल देना चाहिए. यह किसी की भी जान ले सकता है.' दूसरे ने आरोप लगाया कि 'यह सब भ्रष्टाचार का नतीजा है. सिर्फ 500 रुपये की रिश्वत लेकर ऐसे खतरनाक निर्माण को मंजूरी दी जाती है.'
यह हादसा पुराने और अव्यवस्थित ढंग से बनी इमारतों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है. अगर वहां बच्चों ने खेलते हुए ऐसी हरकत कर दी होती, तो शायद जानलेवा नतीजे सामने आते. कई लोगों का कहना है कि जिस दीवार को छोटा रखा गया था, वह कपड़े के बंडल चढ़ाने-उतारने के लिए जानबूझकर बनाई गई थी. अब लोग प्रशासन और नगर निगम से मांग कर रहे हैं कि ऐसी जगहों की जांच की जाए और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो.