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राजस्थान में सर्दी से राहत! तापमान में बढ़ोतरी दर्ज, IMD ने जताई बारिश की संभावना

राजस्थान में कड़ाके की ठंड से लोगों को राहत मिली है. मौसम विभाग की मानें तो तापमान में 3 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है. वहीं हवा की रफ्तार भी धीमी पड़ी है.

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Shanu Sharma

राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही कड़ाके की सर्दी पड़ रही थी, हालांकि अब कमजोर पड़ने लगी है. मकर संक्रांति के दिन तेज धूप निकलने से लोगों को काफी राहत मिल रही है. हालांकि मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कुछ जिलों में शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. 

राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने की उम्मीद है. गंगानगर और हनुमानगढ़ जैसे उत्तरी जिलों को छोड़कर ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान 20 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया. कई इलाकों में यह 27 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे दिन के समय सर्दी से लोगों को खासी राहत महसूस हुई.

न्यूनतम तापमान में हुआ सुधार

शेखावाटी क्षेत्र में भी यह बदलाव साफ नजर आया. यहां दिन की ठंड में कमी आई है. सीकर में अधिकतम तापमान 23 डिग्री और फतेहपुर में 24.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा. तेज धूप ने लोगों को घर से बाहर निकलने का मौका दिया और बाजारों में भी रौनक लौटती दिखी. न केवल दिन का तापमान, बल्कि रात का न्यूनतम तापमान भी बढ़ा है. शेखावाटी सहित कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी दर्ज की गई. जो जगहें पहले जमाव बिंदु या उससे नीचे पहुंच गई थीं, वहां अब पारा 4-5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है.

ठंड से राहत के बाद बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, 18 जनवरी तक पूरे प्रदेश में मौसम मुख्यतः साफ बना रहेगा. इस दौरान न्यूनतम और अधिकतम दोनों तापमानों में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी संभव है. दिन में तेज धूप रहेगी, जिससे सर्दी का असर लगातार कम होता जाएगा. हालांकि, रात और सुबह के समय हल्की ठंड और कोहरा बना रह सकता है.

मौसम विशेषज्ञों ने 19 जनवरी से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताई है. इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छा सकते हैं. भरतपुर, जयपुर और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है. यह सिस्टम 2 से 3 दिनों तक असर दिखा सकता है, जिससे तापमान में फिर गिरावट दर्ज हो सकती है. तापमान बढ़ने से रबी फसलों को फिलहाल राहत मिल रही है, जबकि आगामी हल्की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है.