राजस्थान: केंद्र सरकार ने राजस्थान के पाकिस्तान सीमा से लगे संवेदनशील इलाकों में विदेशी नागरिकों की आवाजाही पर सख्ती कर दी है. गृह मंत्रालय ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स ऑर्डर, 2025 में बदलाव करके इन क्षेत्रों को संरक्षित इलाका घोषित कर दिया है.
अब इन इलाकों में जाने, घूमने या रुकने के लिए विदेशियों को स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेनी होगी. यह फैसला मुख्य रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है. सीमा के पास के इलाकों में बाहरी लोगों पर नजर रखना जरूरी हो गया है.
गृह मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक जैसलमेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, बाड़मेर, फलोदी और जालोर जिलों की कई तहसीलों को इस लिस्ट में शामिल किया गया है. इन क्षेत्रों में बिना अनुमति के विदेशी नागरिक नहीं जा सकेंगे.
हालांकि सरकार ने पर्यटन को भी ध्यान में रखा है. कई महत्वपूर्ण शहरों और पर्यटक स्थलों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है. जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर, सांचौर, श्रीगंगानगर, सूरतगढ़, फलोदी, बाप और पोखरण शहर की सीमा क्षेत्र में विदेशी पर्यटक बिना किसी परमिशन के आ-जा सकते हैं और होटल में ठहर सकते हैं. इन शहरों में पहले की तरह पर्यटन गतिविधियां जारी रहेंगी.
जैसलमेर जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों जैसे अमरसागर, लोद्रवा, कुलधरा, बड़ा बाग, अकल, सम, उंडा और खुहड़ी जाने वाली सड़कों के दोनों तरफ 500 मीटर तक के इलाके को भी छूट दी गई है. इसका मतलब है कि पर्यटक इन मशहूर जगहों तक आसानी से पहुंच सकेंगे और पर्यटन व्यवसाय पर बुरा असर नहीं पड़ेगा.