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कोटा न्यूज: एग्जाम में आए कम नंबर तो MBBS स्टूडेंट ने की आत्महत्या, सीलिंग फैन से लटकी मिली लाश

कोटा में आत्महत्या का सिलसिला बढ़ता जा रहा है. गर्वमेंट कॉलेज की एमबीबीएस छात्रा ने कम नंबर आने से हताश होकर आत्महत्या कर ली. मामले की जांच चल रही है.

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Shilpa Srivastava

कोटा: राजस्थान के कोटा में एक बहुत दुखद घटना सामने आई है. यहां पर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज की थर्ड ईयर की MBBS स्टूडेंट प्राची मीना ने शुक्रवार को आत्महत्या कर ली. प्राची आकाशवाणी कॉलोनी में अपने घर पर मृत पाई गईं. रिपोर्ट्स के अनुसार, प्राची हाल ही में हुए एग्जाम्स में कम नंबर आने के बाद डिप्रेशन से जूझ रही थीं, जिसके चलते उन्होंने ऐसा कदम उठाया है. 

प्राची के पिता ऑल इंडिया रेडियो में काम करते हैं. इनकी पोस्टिंग अभी झालावाड़ में है. उनका परिवार दौसा जिले का रहने वाला है. प्राची कोटा में पढ़ाई कर रही थीं और इस दौरान अपने तीन भाई-बहनों के साथ एक सरकारी क्वार्टर में रह रही थीं.

कहां मिली MBBS स्टूडेंट प्राची मीना की लाश? 

शुक्रवार दोपहर, वह अपने घर में सीलिंग फैन से लटकी हुई मिलीं. प्राची को उनका परिवार एक प्राइवेट हॉस्पिटल में ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. इसके बाद उनके शव को MBS गवर्नमेंट हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया. इस घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई.

इस मामले की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि यह आत्महत्या का मामला लग रहा है. शव का पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है, जिसके बाद शव परिवार को सौंप दिया जाएगा.

क्या कोटा में पहले भी बच्चों ने की है आत्महत्या?

कुछ ही समय पहले बारां जिले के केलवाड़ा कस्बे की 18 साल की लड़की ने आत्महत्या कर ली थी. प्रीति अहेदी 12 क्लास में पढ़ती थी और वो कोटा के एक हॉस्टल के कमरे में मृत पाई गई थी. पुलिस रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रीति एक सुबह स्कूल के लिए निकली थी लेकिन घर नहीं लौटी. उसके घर वापस न लौटने पर परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट कराई. फिर दो दिन बाद पुलिस को उसका शव उसके होमटाउन से लगभग 120 किलोमीटर दूर एक होटल के कमरे में सीलिंग फैन से लटका हुआ मिला.

पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि उसकी मौत कैसे हुई. CCTV फुटेज के अनुसार, प्रीति अपने स्कूल के पास एक ऑटो-रिक्शा से उतरकर बस में चढ़ती हुई दिख रही है. परिवार ने पोस्टमार्टम की इजाजात देने से इनकार कर दिया था. लेकिन बाद में परिवार वाले इस शर्त पर माने कि पुलिस आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करे और निष्पक्ष जांच करे.