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पंजाब में स्वास्थ्य क्रांति: हर परिवार को 10 लाख तक मुफ्त कैशलेस इलाज, अरविंद केजरीवाल ने मोहाली में किया शुभारंभ

हेल्थ कार्ड कॉमन सर्विस सेंटर, सुविधा केंद्रों या ऑनलाइन आधार-वोटर आईडी से पंजीकरण कर बनवाए जा सकते हैं.यूथ क्लब के सदस्य घर-घर जाकर सहायता करेंगे.अस्पताल में कार्ड दिखाने पर कोई भुगतान नहीं करना होगा

India daily live
Hemraj Singh Chauhan

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' (Mukh Mantri Sehat Yojana) का औपचारिक शुभारंभ कर दिया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली इस योजना के तहत राज्य के हर परिवार को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस और मुफ्त इलाज उपलब्ध होगा. यह योजना पूरी तरह सार्वभौमिक है, जिसमें किसी भी प्रकार की आय सीमा या बहिष्करण की शर्त नहीं रखी गई है.

मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 22 जनवरी को मोहाली के विकास भवन में इस योजना का लॉन्च किया. इस मौके पर लाभार्थियों को हेल्थ कार्ड सौंपे गए और योजना को 'सेहत क्रांति 2.0' का नाम दिया गया. यह पहल पंजाब को सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधारों में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का दावा करती है.

योजना की मुख्य विशेषताएं और पात्रता

यह योजना पंजाब के सभी निवासियों के लिए खुली है.पंजाब का वैध आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र रखने वाले हर व्यक्ति या परिवार इसके पात्र हैं.18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को माता-पिता या अभिभावक की वोटर आईडी से कवर किया जाएगा.सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी और विभिन्न विभागों में अनुबंध पर कार्यरत व्यक्ति भी शामिल हैं. राज्य में लगभग 65 लाख परिवारों को हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे, जिससे करीब 3 करोड़ नागरिक लाभान्वित होंगे.

कवरेज और उपलब्ध सेवाएं 

प्रति परिवार सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा, जिसमें पहले से मौजूद 5 लाख की सीमा को दोगुना किया गया है.योजना में 2,300 से अधिक उपचार पैकेज शामिल हैं, जैसे हृदय शल्य चिकित्सा, कैंसर उपचार, किडनी डायलिसिस और ट्रांसप्लांट, ब्रेन एवं स्पाइन सर्जरी, घुटना-कूल्हा प्रत्यारोपण, मोतियाबिंद ऑपरेशन, प्रसूति देखभाल, दुर्घटना आपातकालीन सेवाएं, आईसीयू और संबंधित जांचें.

सूचीबद्ध अस्पतालों का नेटवर्क

लाभार्थी राज्य भर के सरकारी, निजी, पीपीपी मॉडल और मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं.अब तक 823 से अधिक अस्पताल जुड़ चुके हैं, जिनमें 559 निजी अस्पताल प्रमुख हैं. चंडीगढ़ के कुछ अस्पताल भी शामिल हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर राज्य से बाहर भी सुविधा मिलेगी. प्रमुख अस्पतालों में पीआईएमएस जालंधर, आदेश इंस्टीट्यूट बठिंडा, चिंतपूर्णी मेडिकल कॉलेज पठानकोट, रिमट मेडिकल कॉलेज आदि शामिल हैं.सरकार नेटवर्क का विस्तार जारी रखेगी.

हेल्थ कार्ड कैसे प्राप्त करें और इलाज की प्रक्रिया

हेल्थ कार्ड कॉमन सर्विस सेंटर, सुविधा केंद्रों या ऑनलाइन आधार-वोटर आईडी से पंजीकरण कर बनवाए जा सकते हैं.यूथ क्लब के सदस्य घर-घर जाकर सहायता करेंगे.अस्पताल में कार्ड दिखाने पर कोई भुगतान नहीं करना होगा. इलाज के बाद अस्पताल दावा प्रस्तुत करेगा, जिसका भुगतान 15 दिनों में हो जाएगा.योजना हाइब्रिड मॉडल पर चल रही है, जिसमें यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस और राज्य स्वास्थ्य एजेंसी शामिल हैं. कुल 1,200 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है.

यह योजना पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाती है कि स्वास्थ्य एक अधिकार है, न कि विशेषाधिकार.आर्थिक तंगी के कारण कोई भी इलाज से वंचित नहीं रहेगा.अधिक जानकारी के लिए नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें.