'पापा मुझे ले जाओ, ये मार डालेंगे…', शादी के एक साल में ही दहेज प्रताड़ना से तंग आकर बेटी ने लगा ली फांसी
12 मई 2026 की शाम करीब 5:30 बजे फलक ने अपने पिता को रोते हुए फोन किया. उसने कहा- 'पापा मुझे यहां से ले जाओ, ससुराल वाले मार डालेंगे. मुझे खाना तक नहीं दिया जा रहा. कोई बात नहीं करता.' पिता ने बेटी को समझाया और जल्द आने का भरोसा दिया. लेकिन बातचीत खत्म होने के महज 20 मिनट बाद दामाद अमित राजवंश का फोन आया.
ग्वालियर: दहेज के लालच ने एक बार फिर एक नई-नवेली बहू की जान ले ली. मात्र शादी के एक साल बाद फलक रजक नाम की युवती ने ससुराल में प्रताड़ना सहते-सहते फांसी लगा ली. मरने से पहले उसने पिता को फोन कर मदद मांगी थी, लेकिन 20 मिनट बाद मौत की खबर आ गई.
दहेज प्रताड़ना से तंग आकर बेटी ने लगा ली फांसी
12 मई 2026 की शाम करीब 5:30 बजे फलक ने अपने पिता को रोते हुए फोन किया. उसने कहा- 'पापा मुझे यहां से ले जाओ, ससुराल वाले मार डालेंगे. मुझे खाना तक नहीं दिया जा रहा. कोई बात नहीं करता.' पिता ने बेटी को समझाया और जल्द आने का भरोसा दिया. लेकिन बातचीत खत्म होने के महज 20 मिनट बाद दामाद अमित राजवंश का फोन आया.
एक फोन के आते ही परिवार के पैरों तले खिसक गई जमीन
उसने कहा- 'आपकी बेटी ने फांसी लगा ली है.' परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई. जब मायके वाले सुरैयापुर (ग्वालियर) पहुंचे तो फलक की लाश ससुराल में लटकी हुई थी. परिवार का आरोप है कि शादी के तुरंत बाद से ही ससुराल पक्ष लगातार दहेज की मांग कर रहा था. उन्होंने कार और सोने की चेन की डिमांड की थी. फलक को इस वजह से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था.
शादी के बाद से ही जीवन बना था नर्क
मृतका के पिता ने बताया कि बेटी कई बार फोन करके अपनी परेशानी बता चुकी थी. शादी 14 अप्रैल 2025 को अमित राजवंश के साथ हुई थी. शादी के बाद से ही ससुराल में उसका जीवन नर्क बन गया था. परिवार ने दावा किया है कि फलक के गले, पैरों और शरीर पर चोट के निशान थे, जो मारपीट के हो सकते हैं. उन्होंने इसे दहेज हत्या बताया है.
वहीं ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है. पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया. मामले में जांच चल रही है. गुस्साए परिजनों ने इलाके में चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. स्थानीय लोगों का कहना है कि दहेज की यह घटना समाज के लिए शर्मनाक है.