गुना न्यूज: बीच रास्ते एम्बुलेंस का टायर हुआ पंचर, मरीज की मौत; बेटे ने लगाया लापरवाही का आरोप
एमपी में एम्बुलेंस के टायर पंचर होने से एक मरीज की मौत हो गई. इस व्यक्ति के बेटे ने लापरवाही का आरोप भी लगाया है. चलिए जानते हैं क्या हुआ.
गुना: मध्य प्रदेश के गुना में एक एम्बुलेंस का टायर पंचर हो गया, जिससे एक मरीज की मौत हो गई. मरीज को एम्बुलेंस ले जा रही थी जिसका टायर पंचर हो गया और उनके पास स्पेयर टायर भी नहीं था. बता दें कि यह घटना तब हुई जब 65 साल के जगदीश ओझा को सीने में दर्द और हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत हुई. इसके बाद उन्हें म्याना हेल्थ सेंटर से डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल रेफर किया गया. चलिए जानते हैं पूरा मामला.
मरीज को सरकारी एम्बुलेंस में ले जाया जा रहा था तब नेशनल हाईवे 46 पर एम्बुलेंस का टायर पंचर हो गया. इस दौरान एम्बुलेंस में स्पेयर टायर (स्टेपनी) नहीं था. इसके चलते यह गाड़ी करीब एक घंटे तक खराब रही. इसके चलते ओझा की हालत काफी बिगड़ गई. ऐसे में हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई. इस मामले पर ड्राइवर ने क्या कहा, चलिए जानते हैं.
स्पेयर टायर के बारे में ड्राइवर को नहीं था अंदाजा:
एम्बुलेंस के ड्राइवर ने बताया कि उस गाड़ी पर उसका पहला दिन था. उसे पता ही नहीं था कि एम्बुलेंस में स्पेयर टायर नहीं है. ड्राइवर ने बताया कि उसे केवल म्याना से मरीज को लेने और उसे डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल ले जाने का निर्देश मिला था. इस हादसे को लेकर ओझा के बेटे ने एम्बुलेंस पर आरोप लगाया कि गाड़ी 45 मिनट लेट आई.
ओझा के बेटे ने लगाया आरोप:
उन्होंने कहा, "मेरे पिताजी पहले से ही दर्द में थे. करीब 10 किमी चलने के बाद एम्बुलेंस का टायर पंचर हो गया. जब तक हमने दूसरी गाड़ी का इंतजाम किया और हॉस्पिटल पहुंचे तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया." उन्होंने इसे साफ तौर पर लापरवाही का मामला बताया.
कांग्रेस ने जांच की मांग:
इस हादसे के बाद कांग्रेस विधायक ऋषि अग्रवाल ने कड़ी आलोचना की है. उन्होंने हॉस्पिटल जाकर डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर से फोन पर बात की. साथ ही जिन लोगों की इस मामले में गलती है या जो जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाईकी मांग की. विधायक ने हेल्थ डिपार्टमेंट पर आरोप लगाया है कि एम्बुलेंस सर्विसेज में 600 करोड़ रुपये से ज्यादा का गलत इस्तेमाल हुआ है और इसकी जांच की मांग की.
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