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MP News: पुलिस चौकी के बाहर घायल तड़पता रहा, गाड़ी धुलवाने में बिजी थे पुलिसकर्मी, ऐसा वाकया नहीं सुना होगा पहले कभी

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में दबोह पुलिस स्टेशन एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह बेहद शर्मनाक है. मंगलवार को एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति पुलिस चौकी के बाहर तड़पता रहा, जबकि पुलिसकर्मी अपनी गाड़ी धुलवाने में व्यस्त थे. इस घटना ने पुलिस की लापरवाही और असंवेदनशीलता को उजागर किया है, जिसे लोग 'एमपी अजब है, सबसे गजब है' कहकर तंज कस रहे हैं.

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Edited By: Antima Pal
MP News: पुलिस चौकी के बाहर घायल तड़पता रहा, गाड़ी धुलवाने में बिजी थे पुलिसकर्मी, ऐसा वाकया नहीं सुना होगा पहले कभी
Courtesy: gemini

MP News: मध्य प्रदेश के भिंड जिले में दबोह पुलिस स्टेशन एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह बेहद शर्मनाक है. मंगलवार को एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति पुलिस चौकी के बाहर तड़पता रहा, जबकि पुलिसकर्मी अपनी गाड़ी धुलवाने में व्यस्त थे. इस घटना ने पुलिस की लापरवाही और असंवेदनशीलता को उजागर किया है, जिसे लोग 'एमपी अजब है, सबसे गजब है' कहकर तंज कस रहे हैं. यह मामला दबोह थाना क्षेत्र के बरथरा गांव का है. यहां पुराने संपत्ति विवाद ने हिंसक रूप ले लिया.

श्यामू परिहार नामक व्यक्ति पर नारायण परिहार और कोमल परिहार ने कुल्हाड़ी और लाठियों से हमला कर दिया. उस समय श्यामू एक दीवार बना रहे थे. हमले में गंभीर रूप से घायल श्यामू को उनके भाई रामू ने बचाया और तुरंत दबोह पुलिस स्टेशन ले गए, ताकि मदद मिल सके और शिकायत दर्ज हो. लेकिन चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनकी मदद करने के बजाय उदासीन रवैया दिखाया. रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिसकर्मी उस समय अपनी गाड़ी धुलवाने में मशगूल थे. घायल श्यामू को चौकी के बाहर छोड़ दिया गया, जहां वे दर्द से कराहते रहे.

पुलिस चौकी के बाहर घायल तड़पता रहा

आरोप है कि पुलिस ने न सिर्फ शिकायत दर्ज करने में देरी की, बल्कि पैसे की मांग भी की. इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है. कई लोगों ने इसे पुलिस की संवेदनहीनता और कर्तव्य के प्रति लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बताया. यह पहली बार नहीं है जब दबोह पुलिस स्टेशन पर इस तरह की लापरवाही सामने आई हो. पहले भी इस थाने की कार्यशैली पर सवाल उठ चुके हैं. इस घटना ने एक बार फिर पुलिस प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं. 

स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जाए. इस मामले में अभी तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.