महाकाल की नगरी में चमत्कार! उज्जैन में खुदाई में निकला शिवलिंग, सिंहस्थ कुंभ से पहले शुभ संकेत

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के विस्तार कार्य के दौरान खुदाई में एक बड़ा शिवलिंग मिला है. स्थानीय लोगों और पुजारियों ने उस शिवलिंग की तुरंत पूजा शुरू कर दी है. इस खोज को सिंहस्थ कुंभ 2028 के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है. पुरातत्व विभाग अब इसकी जांच करेगा.

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Kuldeep Sharma

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के विस्तार कार्य के दौरान एक बड़ा शिवलिंग निकलने से धार्मिक उत्साह बढ़ गया है. शुक्रवार सुबह जब मंदिर परिसर में खुदाई चल रही थी, तब भारी मशीनरी से यह प्राचीन शिवलिंग सामने आया. खबर फैलते ही मंदिर प्रशासन, पुजारी और स्थानीय भक्त मौके पर पहुंच गए और शिवलिंग की पूजा-अर्चना शुरू कर दी. इस खोज को 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेला की तैयारी के दौरान मिला शुभ संकेत माना जा रहा है.

खुदाई के दौरान मिला प्राची शिवलिंग

महाकालेश्वर मंदिर के विस्तार और सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों के तहत चल रही खुदाई के दौरान सुबह करीब 4 बजे एक बड़ा शिवलिंग निकला. खुदाई कर रहे मशीन ऑपरेटर नरेश प्रजापति ने बताया कि जैसे ही मशीन चली, शिवलिंग दिखाई दिया. तुरंत काम रोक दिया गया और प्रशासन को सूचना दी गई.

स्थानीय अधिकारी और पुजारी ने चढ़ाया जल

शिवलिंग मिलने की खबर फैलते ही मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष फलवड़िया, पुजारी आकाश शर्मा और स्थानीय भक्त मौके पर पहुंच गए. उन्होंने शिवलिंग पर जल चढ़ाया और पूजा की. पुजारी आकाश शर्मा ने कहा कि यह उज्जैन की प्राचीन शिव परंपरा का हिस्सा है और भक्तों के लिए बहुत खास पल है.

मंदिर प्रशासन ने दिया जवाब

महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष फलवड़िया ने बताया कि निर्माण कार्य को तुरंत धीमा कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि आज का दिन बुद्ध पूर्णिमा का है, इसलिए पूरी सावधानी बरती जा रही है. अगर और अवशेष मिलते हैं तो पुरातत्व विभाग की प्रक्रिया का पालन किया जाएगा.

सिंहस्थ कुंभ मेला 2028 का महत्व

यह खोज 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेला के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. उज्जैन को भगवान महाकाल की नगरी कहा जाता है. यहां हर खुदाई में प्राचीन अवशेष मिलना आम है. इस शिवलिंग की खोज ने भक्तों में नई ऊर्जा और उत्साह भर दिया है.

अधिकारियों द्वारा अगले कदम

अब पुरातत्व विभाग इस शिवलिंग की उम्र, इतिहास और धार्मिक महत्व की जांच करेगा. फिलहाल खुदाई का काम रोका हुआ है. मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं ताकि इस पवित्र स्थल की रक्षा की जा सके और सिंहस्थ कुंभ की तैयारियां भी प्रभावित न हों.